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बेरोजगार युवाओं से सस्ते श्रम के रूप में लिया जा रहा काम, पीयूष गोयल ने फूड डिलीवरी ऐप्स पर उठाए सवाल!
दिल्ली में Startup Mahakumbh 2025 का आयोजन हो रहा है. ये स्टार्टप महाकुंभ भारत को इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में एक नई दिशा देने के साथ रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित 'स्टार्टअप महाकुंभ 2025' के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया. इस तीन दिवसीय आयोजन में 3000 से अधिक स्टार्टअप्स भाग ले रहे हैं, जो भारतीय उद्यमिता की ताकत और वैश्विक पहचान को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान कर रहे हैं. यह आयोजन 3 से 5 अप्रैल तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है, जिसमें पीयूष गोयल ने डिलीवरी ऐप्स स्टार्टप्स पर कई गंभीर सवाल उठाए. तो आइए जानते हैं पीयूष गोयल ने क्या कहा?
वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएं स्टार्टअप्स
उद्घाटन के दौरान, पीयूष गोयल ने भारतीय स्टार्टअप्स से आग्रह किया कि वे केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में काम करना चाहिए. उनका मानना है कि भारतीय स्टार्टअप्स को 'डीप टेक' जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में भी ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहिए. गोयल ने कहा, "जब हम डीप टेक को देखते हैं, तो इकोसिस्टम में केवल 1000 स्टार्टअप्स हैं. यह एक चिंताजनक संकेत है. स्टार्टअप्स को यह तय करना होगा कि वे अल्पकालिक धन सृजन पर ध्यान केंद्रित करें या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करें."
फूड डिलीवरी ऐप्स पर जाहिर की चिंता
गोयल ने फूड डिलीवरी ऐप्स के बारे में भी अपनी चिंता जाहिर की, जिनमें काम करने वाले डिलीवरी एजेंट्स का श्रम अक्सर सस्ते में लिया जाता है. उनका कहना था कि ये ऐप्स बेरोजगार युवाओं को सस्ते श्रम के रूप में काम में लगा रहे हैं, ताकि अमीर लोग अपने घरों से बाहर निकले बिना खाना मंगा सकें. इस पर उन्होंने सवाल उठाया, "क्या केवल दुकानदारी का ही काम करना है या फिर हमें दुनिया में अपनी पहचान बनानी है?"
भारतीय स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत
गोयल ने आगे यह भी कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स को घरेलू निवेशकों से अधिक समर्थन मिलना चाहिए. उन्होंने विदेशी निवेशकों की तुलना में घरेलू निवेशकों से आग्रह किया कि वे भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ाएं, ताकि इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हो. साथ ही, उन्होंने 20 करोड़ रुपये के फंड के साथ स्टार्टअप एआई चैलेंज लॉन्च करने की घोषणा की, जो स्टार्टअप्स को अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अवसर प्रदान करेगा.
50 करोड़ की ग्रांट से स्टार्टअप्स को मिलेगा समर्थन
स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में भारत के करीब 1.6 लाख स्टार्टअप्स में से 3000 स्टार्टअप्स भाग ले रहे हैं. डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल आयोजन का दायरा और भी बढ़ा है, और इसमें 64 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. संजीव सिंह ने यह भी बताया कि विभिन्न कंपनियों ने एक ग्रांट चैलेंज शुरू किया है, जिसके तहत स्टार्टअप्स को 50 करोड़ रुपये तक की ग्रांट मिल सकती है. इसके साथ ही, उन्हें मार्गदर्शन भी मिलेगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे. इस आयोजन का उद्देश्य न केवल भारत में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है, बल्कि यह युवाओं को नए आइडियाज के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करेगा.
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