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धारावी पर महाभारत की तैयारी, उद्धव ठाकरे बोले - हम मुंबई को Adani City नहीं बनने देंगे 

एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी (Dharavi Slum) को लेकर उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार और गौतम अडानी की चिंता बढ़ाने वाला बयान दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार पर जमकर हमला बोला है. साथ ही उनके निशाने पर अरबपति कारोबारी गौतम अडानी भी रहे हैं. उद्धव ने आज यानी शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मुंबई को अडानी सिटी बनाना चाहती है, जो हम कभी होने नहीं देंगे. उन्होंने अडानी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मैं यहां एक योजना के बारे में कुछ कहने आया हूं. वो योजना है - लाड़ला उद्योगपति योजना'. 

चक्रव्यू में फंसाने की कोशिश
उद्धव ठाकरे ने कहा कि धारावी में हमने आंदोलन किया था. वहां के लोगों को 500 वर्ग फुट का घर हर हाल में मिलना चाहिए. ठाकरे ने कहा कि धारावी के हर घर में एक माइक्रो व्यापार चलता है, इसके लिए क्या उपाय किया जाएगा? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए. पूर्व CM ने आगे कहा कि ये लोग मुंबई का नाम अडानी सिटी भी कर देंगे. इनकी कोशिश चल रही है, उसे हम ऐसा होने नहीं देंगे.  उन्होंने कहा कि धारावी के लोगों को पात्र और अपात्र के चक्रव्यू में फंसाने की कोशिश जारी है. यदि हम सत्ता में सत्ता में आते हैं, तो धारावी के लोगों को दूसरी जगह नहीं बसाया जाएगा. हम धारावी में ही कारोबार की उचित व्यवस्था करेंगे.

पिछले साल जीती थी बोली
शिवसेना (UBT) प्रमुख  ने कहा कि धारावी का विकास होना चाहिए, न कि अडानी का.  यदि अडानी ये सब पूरा नहीं कर सकते, तो दोबारा टेंडर कराया जाए. हम मुंबई को अडानी सिटी कभी नहीं बनने देंगे. बता दें कि एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी (Dharavi Slum) को फिर से विकसित किया जाना है. धारावी के रीडेवलमेंट का काम गौतम अडानी को मिला है. पिछले साल उनकी कंपनी ने इसके लिए बोली जीती थी. इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 20,000 करोड़ रुपए में मध्य मुंबई में स्थित 259 हेक्टेयर में फैली धारावी झुग्गी बस्ती का रीडेवलपमेंट किया जाएगा. 

अडानी ने इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
अडानी समूह ने इस काम के लिए एक नई कंपनी भी बनाई है. जनवरी में खबर आई थी कि अडानी समूह ने धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (DRPPL) के तहत अमेरिका की डिजाइनिंग कंपनी Sasaki और ब्रिटेन की कंसल्टेंसी फर्म Buro Happold के साथ-साथ आर्किटेक्ट हफीज कॉन्ट्रैक्टर के साथ हाथ मिलाया है. Sasaki और Buro Happold अर्बन प्लानिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की प्रसिद्ध कंपनियां हैं. इसके अलावा, सिंगापुर के विशेषज्ञों को भी प्रोजेक्ट टीम के साथ जोड़ा जा रहा है. DRPPL में अडानी ग्रुप की 80% और महाराष्ट्र सरकार की 20% हिस्सेदारी है. अडानी प्रॉपर्टीज ने इस प्रोजेक्ट के लिए 5,069 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी.

सिंगापुर की तर्ज पर होगा विकास
कुछ समय पहले डीआरपीपीएल के प्रवक्ता ने कहा था कि धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट के लिए सिंगापुर प्रेरणा का काम करेगा. क्योंकि 1960 के दशक में सिंगापुर की स्थिति भी धारावी जैसी थी, लेकिन आज वह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है. धारावी में 8.5 लाख से अधिक लोग रहते हैं. इस हिसाब से देखें, तो यहां प्रति वर्ग किमी में 354,167 लोग रहते हैं. यह दुनिया की छठी सबसे घनी बस्ती है. यहां 6,000 से अधिक छोटी और मझोली यूनिट्स कार्यरत हैं.

कितने साल में होगा कायाकल्प?
धारावी में शिक्षा का स्तर और साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है. अडानी समूह की कंपनी Adani Properties धारावी को पूरी तरह बदलने की योजना में जुट गई है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद कंपनी को मध्य मुंबई में लाखों वर्ग फुट आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों को बेचकर हाई रिवेन्यु जुटाने में मदद मिलेगी. धारावी का पुनर्विकास अलग-अलग चरणों में किया जाएगा. Adani समूह पहले वर्तमान निवासियों को शिविरों में स्थानांतरित करेगा, ताकि उनके लिए नए घरों का पुनर्निर्माण किया जा सके. प्रोजेक्ट में बिक्री वाली इमारतें भी बनाई जाएंगी, जो प्रोजेक्ट लागत वसूलने में मदद करेंगी. इस इलाके के पुनर्वास के लिए परियोजना की कुल समयसीमा 7 साल है.

अटकती रही है योजना
धारावी को फिर से विकसित करने के लिए योजना दो दशक पहले बनाई गई थी, लेकिन इसमें कई तरह की दिक्कतें आती रहीं. महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने अक्टूबर 2022 में नए टेंडर जारी करके इस काम को आगे बढ़ाया. इससे पहले, उद्धव ठाकरे सरकार ने साल 2019 में इस प्रोजेक्ट के लिए लगी बोली को रद्द कर दिया था. बता दें कि धारावी को अंग्रेजों के समय बसाया गया था. यह एशिया की सबसे बड़ी बस्ती है. यहां कितने लोग रहते हैं इसका कोई सही आंकड़ा नहीं है. लेकिन एक अनुमान के मुताबिक, धारावी में 8.5 लाख लोग रहते हैं.
 


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