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ट्रंप के टैरिफ को कोर्ट में चुनौती, अधिकारों के दुरुपयोग का लगाया आरोप
Liberty Justice Center ने अमेरिका की पांच छोटी कंपनियों की ओर से एक केस दायर किया है. यह केस 2 अप्रैल को घोषित किए गए "लिबरेशन डे" टैरिफ पर लगाए गए अलग टैक्स को चुनौती देता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैक्स (टैरिफ) के खिलाफ सोमवार को एक कानूनी चुनौती दायर की गई. एक लीगल ग्रुप ने दावा किया कि ट्रंप ने संविधान में दिए गए अधिकारों की सीमा को पार कर दिया है. यह केस Liberty Justice Center नाम की संस्था ने पांच छोटे अमेरिकी बिज़नेस के लिए दाखिल किया है. यह केस 2 अप्रैल को घोषित किए गए "लिबरेशन डे" टैक्स और चीन से आने वाले सामान पर लगाए गए अलग टैक्स के खिलाफ है.
जिन बिज़नेस ने शिकायत की है, उनमें न्यूयॉर्क की एक शराब आयात करने वाली कंपनी और वर्जीनिया की एक कंपनी शामिल है जो बच्चों के एजुकेशनल किट और म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट बनाती है. उनका कहना है कि ट्रंप ने जो टैक्स लगाए हैं, वो International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के ज़रिए किए गए हैं, लेकिन यह कानून राष्ट्रपति को टैक्स लगाने की शक्ति नहीं देता. टैक्स लगाने का अधिकार सिर्फ अमेरिकी संसद (Congress) को है.
Liberty Justice Center के वकील जेफ़्री श्वाब ने कहा, “इतनी बड़ी आर्थिक असर डालने वाला टैक्स लगाने का अधिकार किसी एक व्यक्ति को नहीं होना चाहिए.” यह केस अमेरिका की Court of International Trade में दर्ज किया गया है. इसमें मांग की गई है कि ये टैक्स रोके जाएं और कोर्ट तय करे कि ट्रंप ने अपने अधिकारों से ज़्यादा कदम उठाया है.
सरकार की तरफ से White House के प्रवक्ता हैरिसन फील्ड्स ने ट्रंप का बचाव किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अमेरिकी बिज़नेस को विदेशी नाइंसाफियों से बचाने के लिए ये टैक्स लगाए. खासकर चीन जैसे देशों से. ट्रंप प्रशासन को ऐसे कई और कानूनी केसों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे फ्लोरिडा में एक और छोटा बिज़नेस भी इन टैक्स के खिलाफ केस कर रहा है. इनमें कुछ सामान पर 10% टैक्स और कुछ देशों पर इससे भी ज़्यादा टैक्स लगाए गए थे. हालांकि इनमें से कुछ टैक्स को 90 दिनों के लिए रोका भी गया था.
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