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देश के प्रॉपर्टी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानिए किस शहर में हुआ कितना इजाफा?
अप्रैल-जून तिमाही में देश के आठ प्रमुख शहरों में औसत आवास कीमतों में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश के रियल एस्टेट मार्केट में फिलहाल काफी तेजी देखने की मिल रही है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक रिसर्च की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टॉप-8 शहरों में घर की कीमतें पिछले 5 सालों के दौरान 44 फीसदी बढ़ी हैं. इस बीच हैदराबाद और बेंगलुरु में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के बाद खासकर पिछले 2 सालों में घरों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. इन टॉप-8 शहरों में बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद शामिल हैं.
औसतन 12 फीसदी का इजाफा
अप्रैल-जून तिमाही में देश के 8 प्रमुख शहरों में औसत आवास कीमतों में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में घरों के दाम सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत बढ़े हैं. रियल्टी कंपनियों के निकाय क्रेडाई, संपत्ति सलाहकार कोलियर्स और डाटा विश्लेषण कंपनी लियासेस फोरास ने घरों की कीमतों की निगरानी करने वाली दूसरी तिमाही की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. वार्षिक आधार पर, जून तिमाही के अंत में 8 प्रमुख शहरों में औसत आवास कीमतों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
दिल्ली एनसीआर में सबसे ज्यादा इजाफा
दिलचस्प बात यह है कि समीक्षाधीन 8 में से सात शहरों में वार्षिक मूल्यवृद्धि देखी गई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में साल दर साल सबसे अधिक 30 प्रतिशत की कीमत वृद्धि हुई. क्रेडाई के अध्यक्ष बोमन ईरानी ने कहा कि पिछली कुछ तिमाहियों में रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी देखी गई है, जिसकी पुष्टि शीर्ष आठ शहरों में लेनदेन की मात्रा के साथ-साथ आवास के प्रति प्रचलित सकारात्मक भावनाओं से होती है. आवास कीमतों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है – यह न केवल अंतर्निहित मांग को दर्शाता है, बल्कि एक पसंदीदा परिसंपत्ति वर्ग के रूप में रियल एस्टेट की ओर निश्चित बदलाव को भी दर्शाता है.
किस शहर में कितना इजाफा
1. अहमदाबाद में आवास कीमतें अप्रैल-जून, 2024 में 13 प्रतिशत बढ़कर 7,335 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जो एक साल पहले की समान अवधि में 6,507 रुपये प्रति वर्ग फुट थीं.
2. बेंगलुरू में यह 8,688 रुपये प्रति वर्ग फुट से 28 प्रतिशत बढ़कर 11,161 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई.
3. चेन्नई में कीमतें 7,690 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर रहीं. इसका मतलब है कि इस शहर में कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है.
4. दिल्ली-एनसीआर में कीमतों में अधिकतम 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई. यह 8,652 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 11,279 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई.
5. हैदराबाद में आवास कीमतें 10,530 रुपये प्रति वर्ग फुट से सात प्रतिशत बढ़कर 11,290 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गई.
6. कोलकाता में दरें 7,315 रुपये से छह प्रतिशत बढ़कर 7,745 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गईं.
7. मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आवास कीमतें 19,111 रुपये प्रति वर्ग फुट से छह प्रतिशत बढ़कर 20,275 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं.
8. पुणे में, आवासीय संपत्तियों की कीमतें अप्रैल-जून, 2024 में 13 प्रतिशत बढ़ीं. यह 9,656 रुपये प्रति वर्ग फुट रहीं. एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 8,540 रुपये प्रति वर्ग फुट था.
क्या रहा इजाफे का कारण?
लियासेस फोरास के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कपूर ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत के शहरों में बिक्री में वृद्धि जारी है. कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बादल याग्निक ने कहा कि पिछली कुछ तिमाहियों में घरों की मांग लगातार अच्छी बनी हुई है. साथ ही, स्थिर ब्याज दर और हाल ही में सकारात्मक बजटीय घोषणाओं ने देश के आवास बाजार को मजबूती दी है. उन्हें यह पूरा साल आवास बाजार के लिए अच्छा रहने की उम्मीद है.
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