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बजट से पहले डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी, सरकारी खजाने में आया इतना पैसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करने वाली हैं. उससे पहले टैक्स कलेक्शन के आए आंकड़े ने सरकार के खजाने को भर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बजट से पहले सरकारी खजाने में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. दरअसल, कॉरपोरेट कंपनियों के एडवांस टैक्स पेमेंट में वृद्धि के कारण चालू वित्त वर्ष (2024-25) में अब तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19.54 प्रतिशत बढ़कर 5.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की पहली किस्त 27.34 प्रतिशत बढ़कर 1.48 लाख करोड़ रुपये हो गई. यह 15 जून को देनी होती है. इसमें 1.14 लाख करोड़ रुपये का निगम आयकर (CIT) और 34,470 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत आयकर (PIT) शामिल है.
5.75 लाख करोड़ रुपये के पास पहुंचा आंकड़ा
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के द्वारा जारी ताजे आंकड़ों के अनुसार नेट डाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन इस साल अब तक 24.07 फीसदी बढ़कर 5.74 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. यह आंकड़ा 11 जुलाई 2024 तक का है. साल भर पहले समान अवधि में सरकार को डाइरेक्ट टैक्स से 4.80 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. नेट डाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन के इस आंकड़े में कॉरपोरेट टैक्स ने 2.1 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है. वहीं पर्सनल इनकम टैक्स का योगदान कुल संग्रह में 3.46 लाख करोड़ रुपये का रहा है. पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन के आंकड़े में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स से हुई कमाई भी शामिल है.
जून महीने में हुई इतनी कमाई
टैक्स कलेक्शन से सरकार को सिर्फ जून महीने में 4.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हुई. सीबीडीटी के आंकड़े बताते हैं कि जून महीने में सरकार को डाइरेक्ट टैक्स के कलेक्शन से टोटल 4.62 लाख करोड़ रुपये मिले. यह आंकड़ा जून 2023 में डाइरेक्ट टैक्स से हुई कमाई की तुलना में 20.99 फीसदी ज्यादा है. जून महीने के दौरान हुए कलेक्शन में 1.8 लाख करोड़ रुपये के कॉरपोरेट टैक्स और 2.81 लाख करोड़ रुपये के पर्सनल इनकम टैक्स शामिल हैं.
पिछले साल इतना बढ़ा था आंकड़ा
सरकार को पिछले वित्त वर्ष के दौरान भी डाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन ने बड़ी राहत दी थी. पूरे वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान सरकार के डाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन में सालाना आधार पर 17.7 फीसदी की तेजी आई थी और टोटल आंकड़ा 19.58 लाख करोड़ रुपये पर रहा था. पिछले वित्त वर्ष के दौरान इस बढ़ोतरी में पर्सनल इनकम टैक्स का योगदान महत्वपूर्ण रहा था. पूरे कलेक्शन में पर्सनल इनकम टैक्स का योगदान बढ़कर 53.3 फीसदी पर पहुंच गया था, जबकि कॉरपोरेट टैक्स का कंट्रीब्यूशन कम होकर 46.5 फीसदी पर आ गया था.
70,902 करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया
चालू वित्त वर्ष में 11 जुलाई तक 70,902 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान जारी रिफंड से 64.4 प्रतिशत अधिक है. अप्रैल से 11 जुलाई तक प्रत्यक्ष करों का सकल संग्रह (रिफंड समायोजन से पहले) 6.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में यह 5.23 लाख करोड़ रुपये था, जो 23.24 प्रतिशत की वृद्धि है. पूरे वित्त वर्ष के लिए अंतरिम बजट में प्रत्यक्ष कर संग्रह 21.99 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है.
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