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स्पैम कॉल्स पर TRAI का कड़ा एक्शन, नियम नहीं मानने पर टेलीकॉम कंपनियों को भरना पड़ेगा भारी जुर्माना!
TRAI के इन नए नियमों से उपभोक्ताओं को न सिर्फ स्पैम कॉल्स और मैसेज से राहत मिलेगी, बल्कि टेलीकॉम कंपनियां भी अपनी सेवाओं में सुधार लाने के लिए मजबूर होंगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने स्पैम कॉल और मैसेज से छुटकारा दिलाने के लिए नए और सख्त नियम लागू किए हैं. इन नए नियमों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अनचाही कॉल्स और मैसेज से राहत देना है. अब स्पैम कॉल और मैसेज की गलत रिपोर्टिंग करने पर टेलीकॉम कंपनियों को भारी जुर्माना भरना होगा. तो आइए जानते हैं ट्राई के ये नए नियम क्या हैं और इनका पालन न करने पर टेलीकॉम कंपनियों को कितना जुर्माना भरना पड़ेगा?
जुर्माना और सजा की नई व्यवस्था
अगर कोई टेलीकॉम कंपनी पहली बार नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसे 2 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. दूसरी बार गलती करने पर जुर्माना बढ़कर 5 लाख रुपये हो जाएगा और बार-बार नियम तोड़ने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा, अगर कोई टेलीकॉम ऑपरेटर लगातार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी सेवाएं भी निलंबित की जा सकती हैं.
डेटा एनालिसिस से पहचान की जाएगी स्पैम कॉल और मैसेज
TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पैम कॉल और मैसेज की पहचान के लिए डेटा एनालिसिस करने का आदेश दिया है. कंपनियों को कॉल और मैसेज के पैटर्न की निगरानी करनी होगी, जिसमें अत्यधिक कॉलिंग एक्टिविटी, बहुत कम समय की कॉल्स और आउटगोइंग कॉल्स की संख्या का इनकमिंग कॉल्स से असंतुलन जैसी गतिविधियों को ट्रैक किया जाएगा. इस नई व्यवस्था से स्पैमर्स की पहचान जल्दी और सटीक तरीके से की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को अनचाही कॉल्स और मैसेज से राहत मिलेगी.
शिकायत दर्ज करना होगा अब आसान
TRAI ने उपभोक्ताओं के लिए स्पैम कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज करना आसान बना दिया है. अब उपभोक्ता Do Not Disturb (DND) ऐप के जरिए 7 दिन के अंदर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके साथ ही, टेलीकॉम कंपनियों को बिना पंजीकरण (रजिस्टर्ड) के कॉल या मैसेज भेजने वालों के खिलाफ 5 दिन के अंदर कार्रवाई करनी होगी.
प्रमोशनल कॉल्स पर नई पाबंदियाँ
अब प्रमोशनल कॉल्स केवल '140' सीरीज के नंबरों से की जा सकेंगी। इसी तरह, '1600' सीरीज के नंबरों से ट्रांजैक्शन और सर्विस से जुड़ी कॉल्स की जाएंगी. इसके अलावा, 10 अंकों वाले सामान्य मोबाइल नंबर से प्रमोशनल कॉल्स पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
प्रमोशनल और ट्रांजैक्शनल मैसेज में पहचान
मैसेज भेजने के तरीके में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए TRAI ने नए स्टैंडर्ड हेडर कोड लागू किए हैं, जिसके अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल मैसेज में “-P”, सर्विस से जुड़े मैसेज में “-S”, ट्रांजैक्शनल मैसेज में “-T” और सरकारी संदेशों के लिए “-G” का इस्तेमाल करना होगा. ट्राई के ये कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और संतुष्टि को सुनिश्चित करने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं.
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