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Torrent Power ने QIP के जरिये जुटाए 3500 करोड़ रुपये, चार गुना ज्यादा मिली बोलियां
बिजली कंपनी टॉरेंट पावर ने पात्र संस्थागत आवंटन (QIP) के जरिये 1,503 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 2.32 करोड़ शेयर जारी कर 3,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की प्रमुख निजी पावर कंपनियों में से एक Torrent Power Limited ("कंपनी") ने अपने ₹3,500 करोड़ (लगभग 413.20 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के क्यूआईपी (Qualified Institutions Placement) को सफलतापूर्वक पूरा किया. यह इश्यू निवेशकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जिसमें घरेलू म्यूचुअल फंड्स, वैश्विक निवेशक और बीमा कंपनियां शामिल थीं. इससे कंपनी की मजबूती और भारत के पावर सेक्टर में निवेशकों का भरोसा दिखता है.
4 गुना अधिक मिली बोलियां
क्यूआईपी (QIP) को लगभग 4 गुना अधिक बोली मिली, जिसमें ₹3,500 करोड़ के इश्यू के मुकाबले करीब ₹14,000 करोड़ की बोलियां आईं. यह निवेश अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों निवेशकों से आया. पूरा इश्यू जाने-माने दीर्घकालिक निवेशकों जैसे SBI MF, Capital Group, SBI Pension, Kotak MF, Nippon MF, Norges Bank और Amundi को आवंटित किया गया.
कंपनी था यह पहला फंड रेज
यह कंपनी का पहला इक्विटी फंड रेज है और पिछले 30 वर्षों में Torrent Group द्वारा पहला इक्विटी फंड रेज है. यह क्यूआईपी मौजूदा वित्तीय वर्ष में भारत के निजी यूटिलिटी सेक्टर में सबसे बड़े फंड रेज में से एक है. इस फंड रेज के सफल समापन से कंपनी की ताकत और भारत के पावर सेक्टर में उसकी तेज़ी से बढ़ने की संभावनाएं उजागर होती हैं. क्यूआईपी इश्यू 2 दिसंबर 2024 को शुरू हुआ और 5 दिसंबर 2024 को पूरा हुआ.
QIP को मिले रिस्पॉन्स से चेयरमैन खुश
Torrent Group के चेयरमैन समीर मेहता ने कहा कि हम क्यूआईपी को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स से बेहद खुश हैं. यह हमारे विकास की रणनीति, उत्कृष्टता और बेहतरीन पूंजी प्रबंधन में बाजार के विश्वास को दर्शाता है. यह पूंजी रेज हमारी बैलेंस शीट को मजबूत करेगा और हमारी ग्रोथ योजनाओं को तेज़ी देगा. हम अपने निवेशकों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हम पर भरोसा जताया.
ये थे QIP के लीड मैनेजर
कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड (Kotak Mahindra Capital Company Limited), जेफरीज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Jefferies India Private Limited) और JM फाइनेंशियल लिमिटेड QIP के प्रमुख प्रबंधक थे. खैतान एंड कंपनी (Khaitan & Co.) ने भारतीय कानून के अनुसार कंपनी के कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य किया, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी (Shardul Amarchand Mangaldas & Co.) और सिडली ऑस्टिन LLP (Sidley Austin LLP) ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत BRLMs के कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य किया.
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