होम / एक्सप्लेनर / अधिकतर लोग अनजाने में करते हैं ये वाली गलती! खाली हो जाएगी तिजोरी

अधिकतर लोग अनजाने में करते हैं ये वाली गलती! खाली हो जाएगी तिजोरी

साइबर अपराधियों का अगला निशाना आप भी बन सकते हैं. तो जानते हैं कि हम अनजाने में गलती कहां करते हैं और इससे कैसे बचा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: इन दिनों साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. सरकार की हालिया रिपोर्ट के अनुसार 2018 से 2021 के बीच साइबर अपराध और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में लगभग सात गुना उछाल आया है. सरकारी एजेंसी इंडियम कम्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के अनुसार, साल 2018 में 2,08,456 मामले सामने आए थे. वहीं, 2021 में 14,02,809 मामले सामने आए. साल 2022 की बात करें तो जनवरी और फरवरी में ही 2,12,485 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इन आंकड़ों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके लिए सतर्क रहना कितना जरूरी है. इन अपराधियों का अगला निशाना आप भी बन सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि हम अनजाने में गलती कहां करते हैं और इससे कैसे बचा सकता है.

कुकी को बिना सोचे समझे एक्सेप्ट नहीं करें
इन दिनों मोबाइल पर आप कोई नई वेबसाइट खोलते हैं तो सबसे पहले एक नोटिफिकेशन पॉपअप होता है और आपसे कुकी को एक्सेप्ट करने के लिए कहा जाता है. चूंकि आप साइट के अंदर जाना चाहते हैं, तो इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं और तुरंत ही कुकी एक्सेप्ट कर लेते हैं. आपको बता दें कि ऐसा नहीं करना चाहिए, आपको सभी वेबसाइट के कुकी को एक्सेप्ट नहीं करनी चाहिए.

कुकी है क्या
कुकी एक प्रकार का टेक्स्ट फाइल है. स्मार्टफोन में हमारी जो भी इंफॉर्मेशन होती है, कुकी एक्सेप्ट करते ही उस फाइल में सेव हो जाती है. यूजर्स का नाम, पता, मोबाइल नंबर से लेकर सभी जरूरी जानकारी कुकीज में सेव हो जाती है. यदि हम किसी वेबसाइट के कुकीज को एक्सेप्ट कर लेते हैं तो हम जब भी उसके WebPage पर जाएंगे, तब Device में एक छोटा Text File Save हो जाता है. यही फाइल कुकीज कहलाता है. कुकीज के कारण ही हमें उस वेबसाइट पर की गई गतिविधियों का पता चल जाता है. Online Shopping में भी इसका काफी इस्तेमाल होता है.

कुकी एक्सेप्ट करने से क्या होता है
जैसे ही आप कुकी एक्सेप्ट करते हैं, वैसे ही आपकी सारी महत्वपूर्ण जानकारी भी उन वेबसाइट्स के पास चली जाती है और यहीं से दुरुपयोग होने की संभावनी बढ़ जाती है.

खतरा कैसे बढ़ जाता है
आजकल हमारे बैंक अकाउंट से लेकर सोशल अकाउंट्स सबकुछ स्मार्टफोन पर सेव रहते हैं. इन सभी के पासवर्ड भी याद रखना संभव नहीं हो पाता, इसलिए पासवर्ड्स को हम अपने स्मार्टफोन में सेव कर लेते हैं. इसी बात का फायदा फ्रॉड करने वाले उठाते हैं और थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर आपके द्वारा सेव किए गए डाटा का गलत इस्तेमाल हो जाता है.

बचने के लिए क्या करें
जहां तक संभव हो कुकी को डिक्लाइन कर देने में ही भलाई है. फिर भी आपको बहुत जरूरी लगे तो भरोसेमंद वेबसाइट की कुकी को ही एक्सेप्ट करना चाहिए. यदि आपके लिए कुकी एक्सेप्ट करना मजबूरी ही हो जाए, तो काम खत्म होते ही स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर कुकी डिलीट कर दें.

ऑथेंटिक वेबसाइट की कैसे करें पहचान
आप जब भी कोई वेबसाइट ब्राउज करें तो उसके URL में देख लें कि https लिखा हुआ है या नहीं. यदि URL में https की जगह http लिखा हो तो उस वेबसाइट पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करें. https और http में एक छोटा सा पर बहुत काम का अंतर है. यहां S का अर्थ सिक्योरिटी से है, जहां दावा किया जाता है कि आपका डेटा सुरक्षित है लेकिन http वाले URL में कुछ भी सुरक्षित नहीं है.

फ्रॉड से बचने के लिए और क्या-क्या बरतें सावधानी
- सबसे पहले मोबाइल के 15 अंकों वाला IMEI नंबर को कहीं नोट कर लें, जिससे कभी आपका फोन गुम हो जाए तो उसे ट्रैक करने में पुलिस को आसानी होगी.
- स्मार्टफोन में ऑटोलॉक का फीचर हमेशा ऑन रखें.
- सिम कार्ड को लॉक करने के लिए पिन का इस्तेमाल करें.
- स्मार्टफोन में हर एक जरूरी सूचना को सेक्योर्ड करने के लिए पासवर्ड का इस्तेमाल करें. उसके बिना कोई दूसरा व्यक्ति उसे एक्सेस नहीं कर पाएगा.
- स्पैम कॉल और स्पैम मैसेज को हमेशा ब्लॉक करें.
- जरूरी डॉक्यूमेंट्स के एक्सेस के लिए दूसरी वेबसाइट या ऐप को परमिशन न दें.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025

शानदार रणनीति से BJP को दिल्ली में मिली बंपर जीत, जानिए कैसे मिली इतनी बड़ी सफलता?

BJP ने दिल्ली में AAP के 10 साल के शासन को खत्म किया, मजबूत रणनीति और दिल्ली BJP नेताओं की मेहनत से 48 सीटें जीत कर सफलता हासिल की है.

18-February-2025


बड़ी खबरें

अडानी के अमेरिकी नियामकों के साथ शांत समझौता करने की संभावना

उच्च दांव वाला DOJ–SEC मामला “नो-एडमिशन” समझौते की ओर बढ़ रहा है, जो वाशिंगटन और भारत के सबसे शक्तिशाली व्यापारिक साम्राज्यों में से एक के बीच एक संतुलित रीसेट का संकेत देता है.

7 hours ago

उद्योग जगत के दिग्गजों ने लॉन्च की Daksham Capital, प्रीमियम फैमिली ऑफिस और वित्तीय सेवा फर्म

भारत में 2035 तक सर्विसेबल वेल्थ पूल के लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना के बीच, दक्षम् कैपिटल का उद्देश्य बिखरी हुई सलाहकारी सेवाओं को एकीकृत और रिसर्च-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुव्यवस्थित करना है.

3 hours ago

भारत का विदेशी निवेश उछला, FY26 में 26.7 अरब डॉलर के पार

विशेषज्ञों का मानना है कि ODI में यह तेजी भारतीय कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है. कंपनियां नए बाजारों और क्षेत्रों में अवसर तलाशते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.

3 hours ago

सर्विस सेक्टर में तेजी, अप्रैल में PMI 58.8 पर पहुंचा

अप्रैल में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में उछाल का सबसे बड़ा कारण मजबूत घरेलू मांग रही. कंपनियों को नए ऑर्डर्स में तेजी देखने को मिली, जिससे कुल बिजनेस गतिविधियों में सुधार हुआ.

4 hours ago

शशि शेखर वेम्पति बने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए अध्यक्ष

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वेम्पति ने हाल ही में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बोर्ड से इस्तीफा दिया है. वे 2024 से इस संस्था में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे.

5 hours ago