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बढ़ने वाला है EMI का बोझ, इन तीन सरकारी बैंकों ने बढ़ाया ब्याज, Loan लेना हुआ महंगा
भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट को लगातार नौवीं बार ना बदलने के बाद कुछ बैंकों ने अपनी दरों (Bank Lending Rates) में बदलाव किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ग्राहकों का सस्ते कर्ज का इंतजार और लंबा होता जा रहा है. रिजर्व बैंक ने लगातार 9वीं MPC में रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, लेकिन दूसरी ओर देश के तीन सरकारी बैंक यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. तीनों बैंकों ने अलग-अलग अवधि की ब्याज दरों में इजाफे का फैसला किया है. ऐसे में ज्यादातर ग्राहकों के होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन जैसे कर्ज महंगे हो गए हैं.
केनरा बैंक ने बढ़ाए रेट
पब्लिक सेक्टर के केनरा बैंक ने फंड की सीमांत लागत आधारित ब्याज यानी एमसीएलआर (MCLR) को 0.05 फीसदी बढ़ा दिया है. यह बढ़ोतरी सभी अवधि के लोन के लिए की गई है. इससे ज्यादातर कंज्यूमर लोन महंगे हो जाएंगे. वर्तमान में यह दर 8.95 फीसदी है, जो अब 9 फीसदी हो जाएगी. 3 साल के लिए MCLR रेट 9.40 फीसदी होगी, जबकि 2 साल की अवधि के लिए इस दर को 0.05 प्रतिशत बढ़ाकर 9.30 प्रतिशत कर दिया गया है. 1, 3 और 6 महीने की अवधि के लिए ब्याज दर 8.35-8.80 प्रतिशत के दायरे में होगी. बता दें कि ये नई दरें 12 अगस्त, 2024 से प्रभावी होंगी.
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी बढ़ाए रेट्स
इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा ने 12 अगस्त से कुछ अवधि के लिए एमसीएलआर को बढ़ा दिया है. बैंक ने 3, 6 और 12 महीने की अवधि के लिए लेंडिंग रेट्स में 5 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है. 3 महीने की एमसीएलआर को 8.45 फीसदी से बढ़ाकर 8.5 फीसदी कर दिया गया है. वहीं 6 महीने की एमसीएलआर को 8.70 फीसदी से बढ़ाकर 8.75 फीसदी कर दिया गया है. वहीं 1 साल की एमसीएलआर को 8.90 फीसदी से बढ़ाकर 8.95 फीसदी कर दिया गया है.
यूको बैंक ने भी बढ़ाए रेट
यूको बैंक ने भी ब्याज दरों को बढ़ा दिया है. बैंक ने अपने MCLR के साथ साथ अन्य बेंचमार्क रेट्स में भी बढ़ोतरी की है. बैंक का ओवरनाइट MCLR 8.20 फीसदी हो गया है. वहीं एक महीने का MCLR 8.35 फीसदी कर दिया गया है. बैंक ने तीन महीने का MCLR 8.50 फीसदी कर दिया है. इनके अलावा छह महीने का MCLR 8.80 फीसदी और एक साल का MCLR 8.95 फीसदी कर दिया गया है. वहीं दूसरी ओर, एक साल का TBLR 6.85 फीसदी पर पहुंच गया है. बैंक ने बाकी दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. बता दें कि ये नई दरें 10 अगस्त 2024 से लागू हो गई हैं.
RBI की 6.5 फीसदी है रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में लगातार नौवीं बार नीतिगत दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा. एमपीसी के छह सदस्यों में से चार ने नीतिगत दर को यथावत रखने के पक्ष में मतदान किया. एमपीसी ने बीते वर्ष फरवरी में नीतिगत दर में संशोधन किया था और इसे बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत किया था. आरबीआई ने रेपो दर को ऐसे समय यथावत रखा है जब विकसित देशों में कई केंद्रीय बैंकों ने नीतिगत दर में बदलाव किया है.
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