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सोशल मीडिया पर मार्केट में निवेश की सलाह से गुमराह हो रहे हजारों लोग, जानिए कैसे?

सोशल मीडिया पर दी जाने वाली वित्तीय सलाह हमेशा सही नहीं होती, कई बार यह व्यक्तिगत लाभ के लिए होती है, जिससे आम निवेशक गुमराह हो सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अगर आप इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर स्क्रॉल करते हुए ऐसे वीडियो देखते हैं, "यह स्टॉक आपको अमीर बना देगा, आज ही 10 हजार रुपए निवेश करें!" तो सतर्क हो जाइए. दरअसल, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोशल मीडिया पर दी जाने वाली वित्तीय सलाह से हजारों लोग गुमराह हो रहे हैं. आइए सेबी द्वारा जारी इस रिपोर्ट में इंस्टाग्राम और यूट्यूब वीडियो के आकर्षक थंबनेल और वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई जानते हैं.  

मार्च 2025 की रिपोर्ट के खुलासे  
सीएफए इंस्टीट्यूट की मार्च 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में निवेशकों पर सोशल मीडिया का जबरदस्त प्रभाव बढ़ रहा है. रिपोर्ट बताती है कि 82% निवेशकों ने सोशल मीडिया पर दी गई वित्तीय सलाह को माना है. इनमें 72% निवेशकों ने बताया कि उन्हें इससे लाभ हुआ, लेकिन केवल 2% फाइनेंशियल एडवाइजर्स ही SEBI के साथ रजिस्टर्ड है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि अधिकांश निवेशकों को बिना किसी रेगुलेटरी सुरक्षा के ही निवेश की सलाह दी जा रही है, जिससे गुमराह होने और नुकसान का खतरा बढ़ जाता है.  

8% निवेशक हुए गुमराह, 40+ उम्र वालों पर दोगुना असर  
SEBI की रिपोर्ट के अनुसार, 8% निवेशकों ने गुमराह होने या धोखाधड़ी का अनुभव किया. 40 वर्ष से अधिक उम्र के निवेशकों के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 14% हो गया है. इन आंकड़ों से साफ है कि ऑनलाइन निवेश सलाह अक्सर विश्वसनीय नहीं होती और इससे बड़ी संख्या में लोग आर्थिक रूप से प्रभावित हो सकते हैं.  

फिनफ्लुएंसर्स की बढ़ती लोकप्रियता  
आजकल सोशल मीडिया पर फिनफ्लुएंसर्स (Financial Influencers) का क्रेज बढ़ता जा रहा है.  ये लोग निवेश को सरल, आकर्षक और मनोरंजक बनाकर अपनी फॉलोइंग बढ़ाते हैं.  वायरल वीडियो और शानदार ग्राफिक्स के जरिए वे लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन वास्तविक वित्तीय जानकारी और मार्केटिंग प्रचार के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है.  

बिना रजिस्ट्रेशन नहीं दे सकते निवेश की सलाह  
SEBI ने इस अनियमित वित्तीय प्रभाव को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है.  
- अब कोई भी व्यक्ति अगर वित्तीय सलाह देना चाहता है, तो उसे SEBI के पास रजिस्टर करना होगा.  
- इसके बाद एक कोर्स पास करना होगा, जिससे उसे एक प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) मिलेगा.  
- SEBI ने दिसंबर 2024 में एक नियम लागू किया, जिसमें विनियमित वित्तीय संस्थाओं को अपंजीकृत फाइनेंशियल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ काम करने से रोक दिया गया.
- जनवरी 2025 तक, सभी वित्तीय संस्थाओं को अपंजीकृत सलाहकारों से अपने अनुबंध समाप्त करने का निर्देश दिया गया.  

निवेश से पहले क्या करें?  
1. SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर से सलाह लें – किसी भी फिनफ्लुएंसर की सलाह पर तुरंत पैसा न लगाएं, पहले उसके प्रमाणपत्र और अनुभव की जांच करें.  
2. सोशल मीडिया की जगह प्रमाणिक स्रोतों से जानकारी लें – म्यूचुअल फंड कंपनियों, बैंकिंग संस्थानों और सेबी द्वारा प्रमाणित स्रोतों से निवेश की जानकारी लें.  
3. बाजार को खुद समझने की कोशिश करें – केवल किसी की सलाह पर न चलें, खुद रिसर्च करें और समझें कि आप कहां निवेश कर रहे हैं. 


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