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IT इंजीनियर्स के लिए लागू होगा ये नियम, ऑफिस में काम के लिए अब देना होगा अब ज्यादा समय
देश के एक बड़े राज्य ने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में काम करने वाले इंजीनियर्स के लिए बड़ा फैसाल लिया है. अब उन्हें रोजाना ऑफिस में ज्यादा समय देना होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) क्षेत्र से जुड़े इंजीनियर हैं या आपका कोई जानकार आईटी इंजीनियर है, तो आपके लिए एक बड़ी खबर आई है. दरअसल, देश के एक बड़े राज्य पश्चिम बंगाल ने आईटी इंजीनियर के काम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं. इसके लिए प्रदेश सरकार ने श्रम कानून से जुड़े नियमों में बदलाव भी कर दिए हैं. तो चलिए जानते हैं ये बदले हुए नियम कब से लागू होंगे?
इस तारीख से लागू होगा नियम
पश्चिम बंगाल सरकार ने आईटी इंजीनियर्स के रोजाना के कामकाजी घंटों को 30 मिनट यानी आधे घंटे के लिए बढ़ा दिया है. अब आईटी इंजीनियर्स को ऑफिस में काम के लिए पहले से ज्यादा समय देना होगा. ये नियम 1 जुलाई से प्रभावी होगा. वहीं, आईटी इंजीनियर्स के लिए काम के साप्ताहिक घंटे पहले की तरह ही रहेंगे. उन्हें एक हफ्ते में मैक्सिमम 48 घंटे ही काम करना होगा. सरकार जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सकती है.
आईटी इंडस्ट्री की लंबे समय से थी मांग
राज्य के आईटी उद्योग मंत्री बाबुल सुप्रियो के अनुसार आईटी इंडस्ट्री लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी. प्रदेश सरकार ने अब उनकी मांग को पूरा करने का काम किया है. अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा में तालमेल बनाए रखने और पश्चिम बंगाल में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ही ये फैसला किया गया है.
इतने घंटे की होगी ऑफिस शिफ्ट
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने आईटी इंजीनियर्स के लिए डेली ऑफिस टाइम की लिमिट को 8:30 घंटे से बढ़ाकर 9 घंटे करने को हरी झंडी दे दी है. ये फैसला आईटी इंडस्ट्री की पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया है. इसकी वजह ये है कि आमतौर पर आईटी कंपनी हफ्ते में 5 दिन के वर्किंग मॉडल पर काम करती हैं. ऐसे में अब से हफ्ते में कामकाजी घंटों की मैक्सिमम लिमिट 48 घंटे ही रहेगी. जबकि इस बदलाव से आईटी कंपनियां अपने क्लाइंट्स को 42.5 घंटे के बजाय 45 घंटे का बिल दे सकती हैं. इससे आईटी कंपनियों को बिल में हर दिन 2.5 घंटे का लाभ मिलेगा. उन्हें वित्तीय मदद मिलेगी और वे अन्य राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे.
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