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इस महारत्न कंपनी ने BOI के साथ मिलाया हाथ, पांच साल में इतने हजार करोड़ का मिलेगा कर्ज
इस समझौते के बाद दोनों कंपनियों को फायदा होने की उम्मीद है. एक ओर जहां विकास परियोजनाओं के लिए पैसे का इंतजाम हो पाएगा वहीं दूसरी ओर दोनों कंपनियों को भी मुनाफा होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
ग्रामीण विद्युत के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को कर्ज मुहैया कराने वाली महारत्न कंपनी REC लिमिटेड ने बैंक ऑफ इंडिया (BoI) के साथ एक समझौता परामर्श पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत बैंक आने वाले पांच सालों में विद्युत क्षेत्र, बुनाई और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए REC लिमिटेड को कर्ज प्रदान करेंगे. REC और BoI मिलकर अगले पांच साल में लागू होने वाली परियोजनाओं के लिए कुल 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज का साझा वितरण करेंगे.
इन अधिकारियों की मौजूदगी में साइन हुआ MOU
ये समझौता दोनों कंपनियों के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ. इनमें REC लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक टी.एस.सी. बोश और BOI के सीजीएम नितिन जी. देशपांडे ने MoU पर हस्ताक्षर किये, जिसमें REC के सीएमडी विवेक कुमार देवांगन, BoI के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ रजनीश कर्णाटक, REC के वित्त निदेशक अजय चौधरी और REC और BoI के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
इस एमओयू से होगा क्या फायदा?
दरअसल इन दोनों संस्थानों के बीच हुए इस समझौते के बाद जहां REC लिमिटेड को अपनी अलग-अलग परियोजनाओं के लिए फंड मिल पाएगा. इससे जहां विद्युत परियाजनाओं का काम तेजी से हो पाएगा वहीं दूसरी ओर बैंक ऑफ इंडिया को भी इससे फायदा मिल पाएगा.
आखिर क्या है REC लिमिटेड?
REC Limited, शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित एक महारत्न केंद्रीय उपक्रम (CPSE) है, इसकी स्थापना 1969 में हुई थी. ये विद्युत जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, नवीन ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी स्टोरेज, हरित हाइड्रोजन इंफ्रा के लिए कर्ज प्रदान करती है. इसमें नई प्रौद्योगिकियों को शामिल किया गया है. REC ने सड़क, मेट्रो, हवाई अड्डे, आईटी, पोर्ट्स आदि जैसे मौलिक बुनाई क्षेत्र में भी विविधता दर्ज की है. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में REC ने 4.54 लाख करोड़ है रुपये के कर्ज मुहैया कराए हैं.
बैंक ऑफ इंडिया एक सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है और पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को कर्ज मुहैया करने के साथ-साथ विश्वभर में मौजूद है. 1906 में स्थापित हुई BoI ने बीते वर्षों में तेजी से विकास किया और एक बड़े बैंक में बदल गया है. आज बैंक की देशभर में प्यापक मौजूदगी है.
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