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भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल
बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
वित्त वर्ष 2025-26 (Q1 FY26) की पहली तिमाही में भारत के स्टील उद्योग ने उत्पादन और खपत दोनों मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया. केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 के दौरान तैयार (फिनिश्ड) स्टील की खपत सालाना आधार पर 8.3% बढ़कर 4.16 करोड़ टन (41.6 मिलियन टन) पहुंच गई. यह वृद्धि उत्पादन की तुलना में अधिक रही, जबकि इसी दौरान तैयार स्टील के आयात में 49.2% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई.
कच्चे और तैयार स्टील का उत्पादन बढ़ा
मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 के दौरान कच्चे स्टील (क्रूड स्टील) का उत्पादन 3% बढ़कर 4.21 करोड़ टन रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4.08 करोड़ टन था. वहीं, तैयार स्टील का उत्पादन 5.9% बढ़कर 4.10 करोड़ टन हो गया. हॉट मेटल का उत्पादन भी 1.4% बढ़कर 2.35 करोड़ टन रहा. केवल जून 2026 में कच्चे स्टील का उत्पादन 1.41 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 3.9% अधिक है. वहीं, जून में तैयार स्टील का उत्पादन 6% बढ़कर 1.38 करोड़ टन दर्ज किया गया.
8.3% बढ़ी स्टील की खपत
पहली तिमाही के दौरान तैयार स्टील की खपत 8.3% बढ़कर 4.16 करोड़ टन रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 3.84 करोड़ टन थी. जून 2026 में अकेले स्टील की खपत 1.42 करोड़ टन रही, जो सालाना आधार पर 7.2% अधिक है. मंत्रालय के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, आवास निर्माण, रेलवे, ऑटोमोबाइल और कैपिटल गुड्स सेक्टर में मजबूत मांग ने खपत को बढ़ावा दिया.
आयात में 49% की तेज बढ़ोतरी
घरेलू उत्पादन मजबूत रहने के बावजूद भारत पहली तिमाही में तैयार स्टील का शुद्ध आयातक बना रहा. अप्रैल-जून 2026 के दौरान तैयार स्टील का आयात 49.2% बढ़कर 20.6 लाख टन (2.06 मिलियन टन) हो गया, जिसकी कुल कीमत 20,214.5 करोड़ रुपये रही. वहीं, निर्यात भी 31.4% बढ़कर 15.9 लाख टन (1.59 मिलियन टन) पहुंच गया, जिसका मूल्य 12,475.2 करोड़ रुपये रहा. घरेलू उद्योग की शिकायतों के बाद वाणिज्य मंत्रालय के अधीन व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने चीन, जापान और रूस से आयात होने वाले हॉट-रोल्ड फ्लैट स्टील पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर दी है.
जून में स्टील की कीमतों में नरमी
जून के दौरान स्टील की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली.
1. 10 मिमी TMT बार की कीमत महीने-दर-महीने 4.7% घटकर 60,068 रुपये प्रति टन रही.
2. हॉट-रोल्ड कॉइल (HRC) की कीमत 0.5% घटकर 70,108 रुपये प्रति टन रही.
हालांकि, सालाना आधार पर कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. गैल्वेनाइज्ड शीट्स की कीमतों में एक वर्ष के दौरान 15.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. दूसरी ओर, लौह अयस्क (Iron Ore) की कीमतों में बढ़ोतरी हुई. एनएमडीसी (NMDC) ने लंप ओर की कीमत 3.6% बढ़ाकर 5,700 रुपये प्रति टन और फाइंस की कीमत 3.2% बढ़ाकर 4,850 रुपये प्रति टन कर दी.
2030 तक 30 करोड़ टन क्षमता का लक्ष्य
पहली तिमाही के दौरान भारत की कुल स्टील उत्पादन क्षमता 22.19 करोड़ टन प्रतिवर्ष (221.9 मिलियन टन प्रति वर्ष) रही. राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत सरकार ने वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 करोड़ टन प्रतिवर्ष (300 मिलियन टन) करने का लक्ष्य रखा है.
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