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चीन की BYD को देगी टक्कर देगी ये भारतीय कंपनी, तैयार की सबसे फास्ट चार्जिंग तकनीक!

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग नेटवर्क में तेजी से हो रहे विकास के साथ, एक्सपोनेंट एनर्जी का 1.5 MW अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग सिस्टम उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत समेत दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों के स्थान पर अब इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने लगे हैं. इस बढ़ती मांग को देखते हुए कई कंपनियां नई तकनीक और उत्पादों के साथ इस क्षेत्र में कदम रख रही हैं. चीन की प्रसिद्ध इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी BYD ने अपने फास्ट-चार्जिंग तकनीक और कारों के इन्नोवेटिव डिजाइन के जरिए दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है. हालांकि, अब एक भारतीय कंपनी इसे तगड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है. तो आइए कंपनी और इसकी चार्जिंग तकनीक के बारे में विस्तार से जानते हैं.

1.5 MW अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग सिस्टम  
भारत के बेंगलुरु स्थित एनर्जी-टेक स्टार्टअप 'एक्सपोनेंट एनर्जी' BYD को कड़ी चुनौती देने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह कंपनी इस साल के अंत में दुनिया का पहला 1.5 MW अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग सिस्टम लॉन्च करने की योजना बना रही है. इस चार्जिंग सिस्टम की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को बहुत ही कम समय में चार्ज किया जा सकेगा. इससे पहले, एक्सपोनेंट एनर्जी ने भारतीय बाजार में 1 MW रैपिड चार्जिंग की शुरुआत की थी, जो पहले से ही काफी प्रभावी साबित हो रही है.

15 मिनट में फुल चार्ज होंगे इलेक्ट्रिक वाहन 
एक्सपोनेंट एनर्जी एक B2B एनर्जी स्टैक कंपनी है जो विशेष रूप से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में काम करती है. यह कंपनी बैटरी और चार्जिंग नेटवर्क तैयार करती है, जो भारत में कमर्शियल वाहनों के लिए उपयोगी है. एक्सपोनेंट एनर्जी का दावा है कि उनके चार्जिंग नेटवर्क के जरिए 15 मिनट में इलेक्ट्रिक वाहनों को फुल चार्ज किया जा सकता है. कंपनी के संस्थापक, एथर एनर्जी के पूर्व अधिकारियों अरुण विनायक और संजय बाल्याल ने 2020 में एक्सपोनेंट एनर्जी की स्थापना की थी. इस कंपनी ने बैटरी पैक (ई^पैक), चार्जिंग स्टेशन (ई^पंप) और चार्जिंग कनेक्टर (ई^प्लग) के जरिए एक फुल चार्जिंग इकोसिस्टम विकसित किया है.

ऐसे बेहतर होदी फास्ट चार्जिंग तकनीक

अगर 1.5 MW (मेगावॉट) की चार्जिंग क्षमता की बात करें तो यह यकीनन बहुत ज्यादा होती है. इसका उपयोग बहुत तेज चार्जिंग के लिए किया जा सकता है. इसे उदाहरण के तौर पर समझें तो अगर एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी क्षमता 100 kWh है, तो 1.5 MW (1500 kW) की चार्जिंग शक्ति का मतलब है कि प्रति घंटा 1500 kWh बैटरी फुल चार्ज की जा सकती है. अगर किसी वाहन की बैटरी 100 kWh है तो इसे चार्ज चार्ज में होने सिर्फ लगभग 4 मिनट का वक्त लगेगा. 1MW फास्ट चार्जर से 100 kWh की बैटरी को चार्ज करने में करीब 6 मिनट का वक्त लगेगा. हालांकि, वास्तविक चार्जिंग समय थोड़ा ज्यादा हो सकता है, क्योंकि चार्जिंग का प्रक्रिया बैटरी की स्थिति और तापमान जैसी स्थिति से भी प्रभावित हो सकती है. इस तरह से देखा जाए तो भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार टाटा नेक्सन ईवी में 45 kWh की बैटरी मिलती है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 489 किमी रेंज देती है. अगर इस तरह से देखा जाए तो 1.5 MW फास्ट चार्जिंग के जरिए कार को 5 मिनट से कम समय में चार्ज किया जा सकता है.

भारतीय में पहले से ही है 1 MW फास्ट चार्जिंग तकनीक

BYD ने हाल ही में चीन में एक नया ई-प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो 1 MW फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। इसका उद्देश्य यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग और फ्यूल पंप की प्रक्रिया में समय का अंतर लगभग बराबर किया जा सके। BYD के चेयरमैन वांग चुआनफू के अनुसार, इस सिस्टम के माध्यम से, 5 मिनट में वाहन को 400 किमी तक की रेंज मिल सकती है. हालांकि, एक्सपोनेंट एनर्जी पहले ही 1 MW फास्ट चार्जिंग तकनीक को भारत में लागू कर चुका है, जिससे यह साबित हो गया है कि भारतीय बाजार में चार्जिंग तकनीकों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली है. BYD की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, भारत की इस नई कंपनी के पास एक मजबूत मौका है कि वह वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके.


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