✕

होम / बिजनेस / विनिर्माण क्षेत्र में 14 लाख से ज्यादा नई नौकरियां, FY25 में रोजगार बढ़कर 2.10 करोड़ हुआ

विनिर्माण क्षेत्र में 14 लाख से ज्यादा नई नौकरियां, FY25 में रोजगार बढ़कर 2.10 करोड़ हुआ

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 7.19 फीसदी बढ़ा. इस दौरान पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठानों की संख्या भी बढ़कर 2.67 लाख हो गई, जबकि सकल मूल्य वर्धन (GVA), पूंजी निवेश और औद्योगिक उत्पादन में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

भारत के पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024-25 में रोजगार, उत्पादन, निवेश और मूल्य वर्धन समेत प्रमुख आर्थिक संकेतकों में वृद्धि दर्ज की है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2024-25 के अनुसार, इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 7.19 फीसदी बढ़कर 2.10 करोड़ हो गया. वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 1.96 करोड़ था. यानी एक साल में 14 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला.

पंजीकृत विनिर्माण इकाइयों की संख्या भी बढ़ी

सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठानों की संख्या 2.64 फीसदी बढ़कर 2.67 लाख हो गई. वित्त वर्ष 2023-24 में इनकी संख्या 2.60 लाख थी. इसी अवधि में औद्योगिक उत्पादन में 7.81 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को दिए गए कुल पारिश्रमिक में भी 12.08 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

पांच राज्यों में 56 फीसदी रोजगार

विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार का बड़ा हिस्सा कुछ राज्यों में केंद्रित है. तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने मिलकर वित्त वर्ष 2024-25 में कुल विनिर्माण रोजगार में करीब 56 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की.

पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठानों की संख्या के मामले में तमिलनाडु 41,221 इकाइयों के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद गुजरात में 33,084 और महाराष्ट्र में 27,379 प्रतिष्ठान रहे. उत्तर प्रदेश में 24,964 और कर्नाटक में 15,629 पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठान दर्ज किए गए.

विनिर्माण GVA बढ़कर 26.94 लाख करोड़ रुपये

सर्वेक्षण के अनुसार, पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन (GVA) वित्त वर्ष 2024-25 में 9.59 फीसदी बढ़कर 26.94 लाख करोड़ रुपये हो गया. वित्त वर्ष 2023-24 में यह 24.58 लाख करोड़ रुपये था.

GVA में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 15.92 फीसदी रही. इसके बाद गुजरात की 14.10 फीसदी और तमिलनाडु की 10.90 फीसदी हिस्सेदारी रही. कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी क्रमशः 7.31 फीसदी और 6.64 फीसदी रही.

महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश ने मिलकर देश के कुल विनिर्माण GVA में 54 फीसदी से ज्यादा का योगदान दिया.

पूंजी निवेश में भी तेज बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2024-25 में विनिर्माण क्षेत्र में पूंजी निवेश भी बढ़ा. सर्वेक्षण के मुताबिक, स्थिर पूंजी 10.54 फीसदी बढ़कर 51.12 लाख करोड़ रुपये हो गई. वहीं, स्थिर पूंजी और भौतिक कार्यशील पूंजी को मिलाकर कुल निवेशित पूंजी 11.10 फीसदी बढ़कर 75.56 लाख करोड़ रुपये रही. इसी दौरान शुद्ध आय में 9.68 फीसदी और शुद्ध लाभ में 7.73 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

विनिर्माण उत्पादन बढ़कर 165.24 लाख करोड़ रुपये

मौजूदा कीमतों पर विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 165.24 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 153.27 लाख करोड़ रुपये था. इसी अवधि में इनपुट 128.69 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 138.30 लाख करोड़ रुपये हो गया. वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध आय 20.55 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 11.56 लाख करोड़ रुपये रहा.

इन उद्योगों का GVA में सबसे बड़ा योगदान

सर्वेक्षण के मुताबिक, बेसिक मेटल, मोटर वाहन, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद, फार्मास्युटिकल उत्पाद और खाद्य उत्पाद विनिर्माण GVA में सबसे बड़े योगदानकर्ता रहे. इन पांच उद्योगों ने मिलकर वित्त वर्ष 2024-25 में कुल विनिर्माण GVA में 45 फीसदी से ज्यादा का योगदान दिया.

रोजगार के लिहाज से खाद्य उत्पाद उद्योग सबसे आगे रहा, जिसमें करीब 23.61 लाख लोग कार्यरत थे. इसके बाद कपड़ा उद्योग में 17.57 लाख, बेसिक मेटल में 15.82 लाख, मोटर वाहन उद्योग में करीब 14.80 लाख और परिधान क्षेत्र में करीब 14.60 लाख लोग कार्यरत रहे.

परिचालन में कारखानों की संख्या भी बढ़ी

वित्त वर्ष 2024-25 में परिचालन कर रहे कारखानों की संख्या बढ़कर 2,18,543 हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह संख्या 2,12,990 थी. यह वृद्धि विनिर्माण गतिविधियों में विस्तार का संकेत देती है.

पांच राज्यों का दबदबा रोजगार के साथ-साथ विनिर्माण प्रतिष्ठानों और मूल्य वर्धन में भी दिखाई दिया. महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश ने मिलकर कुल पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठानों में 53.30 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की.

वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण में क्या शामिल है?

वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण के दायरे में फैक्ट्री अधिनियम के तहत पंजीकृत कारखाने, कुछ बीड़ी और सिगार विनिर्माण इकाइयां, बिजली प्रतिष्ठान और राज्य के बिजनेस रजिस्टर में दर्ज 100 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली इकाइयां शामिल हैं. सर्वेक्षण में उत्पादन, मूल्य वर्धन, रोजगार, पूंजी निर्माण, मजदूरी और विनिर्माण गतिविधियों से जुड़े अन्य संकेतकों का प्रतिष्ठान स्तर पर आंकड़ा जुटाया जाता है.

अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक के आंकड़े

एएसआई 2024-25 के आंकड़े अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की अवधि से संबंधित हैं. सर्वेक्षण के लिए फील्डवर्क अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच किया गया. MoSPI ने कहा है कि ये अनुमान नमूना सर्वेक्षण पर आधारित हैं. इसलिए आंकड़ों का इस्तेमाल आवश्यक सावधानी के साथ किया जाना चाहिए.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

ट्रेड टेंशन के बीच अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता, पीयूष गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग-टेक पर दिया जोर

गोयल ने अमेरिकी कंपनियों के साथ बातचीत में भारत में उच्च-मूल्य वाली क्षमताओं के निर्माण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भागीदारी बढ़ाने से जुड़े अवसरों को भी रेखांकित किया.

3 hours ago

लगातार चौथे दिन गिरावट के संकेत, गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

बुधवार सेंसेक्स 48.78 अंक यानी 0.07 फीसदी गिरकर 72,480.29 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 में 95.75 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट रही और यह 22,620.45 पर बंद हुआ.

3 hours ago

रबी फसलों पर सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं समेत 6 फसलों का MSP बढ़ा

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, छह प्रमुख रबी फसलों की सरकारी खरीद और किसानों को किए गए MSP भुगतान में भी पिछले वर्षों में बढ़ोतरी हुई है.

18 hours ago

वाटिका ग्रुप के खिलाफ ED का बड़ा एक्शन, ₹260 करोड़ के प्लॉट मामले में CMD अनिल भल्ला समेत दो गिरफ्तार

ईडी की जांच में 22 ऐसी ग्रुप कंपनियों का भी पता चलने की बात कही गई है, जिनमें कोई कर्मचारी नहीं था और न ही कोई स्वतंत्र कारोबारी गतिविधि दिखाई दी. एजेंसी के अनुसार, इन कंपनियों का इस्तेमाल जमीन से जुड़े लेनदेन, कॉरपोरेट गारंटी और जमीन गिरवी रखने जैसे कामों के लिए किया जाता था.

20 hours ago

टाटा का आखिरी खेल: ₹25,000 करोड़ के प्रस्ताव से बदल सकता है टाटा संस पर नियंत्रण का गणित

₹25,000 करोड़ का चेक, ट्रिब्यूनल के जरिए शेयर स्वैप और एक पारिवारिक विवाह. लिस्टिंग की कोशिश को कैसे विफल किया जा सकता है और चेयरमैन आखिरकार अकेले क्यों पड़ सकते हैं.

21 hours ago


बड़ी खबरें

अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG ₹62.50 महंगा; ATF के दाम भी बढ़े

कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है. ऐसे में कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की परिचालन लागत बढ़ सकती है.

54 minutes ago

विनिर्माण क्षेत्र में 14 लाख से ज्यादा नई नौकरियां, FY25 में रोजगार बढ़कर 2.10 करोड़ हुआ

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 7.19 फीसदी बढ़ा. इस दौरान पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठानों की संख्या भी बढ़कर 2.67 लाख हो गई, जबकि सकल मूल्य वर्धन (GVA), पूंजी निवेश और औद्योगिक उत्पादन में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.

1 hour ago

फिजिकल गोल्ड को सिर्फ 2 घंटे में डीमैट में बदल सकेंगे निवेशक, 15 अक्टूबर से NSE शुरू करेगा नई सुविधा

एनएसई इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट को बढ़ावा देने के लिए 15 अक्टूबर से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा. एक्सचेंज अगले एक साल में संग्रह केंद्रों का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है.

3 hours ago

ट्रेड टेंशन के बीच अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता, पीयूष गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग-टेक पर दिया जोर

गोयल ने अमेरिकी कंपनियों के साथ बातचीत में भारत में उच्च-मूल्य वाली क्षमताओं के निर्माण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भागीदारी बढ़ाने से जुड़े अवसरों को भी रेखांकित किया.

3 hours ago

लगातार चौथे दिन गिरावट के संकेत, गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

बुधवार सेंसेक्स 48.78 अंक यानी 0.07 फीसदी गिरकर 72,480.29 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 में 95.75 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट रही और यह 22,620.45 पर बंद हुआ.

3 hours ago