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कोविड के बाद से घर खरीदने के निर्णय में आ रहा बदलाव, जानिए क्या कहती है ANAROCK की रिपोर्ट?
ANAROCK की एक रिपोर्ट के अनुसार खरीदार 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये कीमत का मकान खरीदने का अंतिम निर्णय लेने में सबसे अधिक यानी 30 दिन का समय लगा रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अपने घर में रहना हर किसी का सपना होता है. ऐसे में हर कोई अपने बजट के हिसाब से छोटा या बड़ा मकान खरीदने का निर्णय लेता है. अब भारत में मकान खरीदना निवेश का भी सबसे अच्छा विकल्प उभरकर सामने आ रहा है. खरीदार अब मकान खरीदने का निर्णय लेने में भी कम समय ले रहे हैं. कोविड के बाद से मकान लेने की इच्छा को खरीदने में बदलने में लगने वाले दिनों की संख्या में कमी आई है. बहुत महंगे लग्जरी मकानों को खरीदने वाले लोग सबसे कम दिन का समय ले रहे हैं. ये खुलासा संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक समूह की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में हुआ है. तो आइए इस रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.
अब कम समय में मकान खरीदने का निर्णय ले रहे लोग
एनारॉक की रिपोर्ट्स से मिले आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में मकान लेने की सोच को मकान लेने के निर्णय में बदलने में 33 दिन लग रहे थे, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में दिनों की संख्या घटकर 26 रह गई है. हालांकि मकान लेने की योजना को बुकिंग में बदलने के ये दिन पिछले वित्त वर्ष के 25 दिनों से एक दिन अधिक है.
50 लाख से एक करोड़ रुपये कीमत के मकान में अधिक समय
एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार खरीदार 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये कीमत का मकान खरीदने का अंतिम निर्णय लेने में सबसे अधिक यानी 30 दिन का समय लगा रहे हैं. खरीदारों ने एक करोड़ से 3 करोड़ रुपये कीमत के मकान खरीदने के निर्णय में इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में 27 दिन लगाए, दो से तीन करोड़ रुपये कीमत के मामले में इन दिनों की संख्या 26 रही. वहीं, खरीदारों ने पिछले वित्त वर्ष एक से दो करोड़ रुपये कीमत के मकान खरीदने का निर्णय लेने में सबसे अधिक 32 दिन का समय लिया. किफायती मकानों के संबंध में निर्णय लेने के दिनों की संख्या पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में एक दिन घटकर 26 दिन रह गई. खरीदारों को वित्त वर्ष 2021 में मकान बुक करने में आज की तुलना में अधिक समय लगा, जो वर्तमान में मकानों की मजबूत मांग की गति को दर्शाता है. यह देखते हुए कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रैंडेड डेवलपर्स द्वारा नई आपूर्ति में वृद्धि देखी गई है.
अल्ट्रा लग्जरी मकानों की बुकिंग में लग रहा कम समय
बजट श्रेणी के आंकड़ों के अनुसार खरीदार अल्ट्रा-लक्जरी मकानों (3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत) को लेने की योजना को बुकिंग में तब्दील करने में सबसे कम समय लेते हैं. वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में खरीदारों ने इन मकानों को लेने के निर्णय में केवल 15 दिन का समय लिया, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में 22 दिन लिए थे. एनारॉक समूह के अध्यक्ष अनुज पुरी कहते हैं कि अल्ट्रा-लक्जरी घरों के खरीदार त्वरित निर्णय लेने के लिए वित्तीय रूप से सक्षम हैं. साथ ही हाई-एंड मकानों की वर्तमान में सबसे अधिक मांग भी है.
आवासीय क्षेत्र में किफायती और मध्यम श्रेणी के मकान खरीदारों की हिस्सेदारी ज्यादा
पुरी ने कहा कि मकान खरीदने का निर्णय लेने में दिनों की संख्या में आई इस कमी से उल्लेखनीय बदलाव दिखने की संभावना नहीं है क्योंकि भारतीय मकान खरीदार खरीदारी का निर्णय हल्के में नहीं लेते हैं. इसकी वजह उनकी अधिकांश या सारी बचत इसमें लग जाती है. लक्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी मकान खरीदारों के साथ ऐसा नहीं है, लेकिन इनकी आवासीय क्षेत्र में हिस्सेदारी 10 से 11 प्रतिशत ही है. बड़ा हिस्सा किफायती और मध्यम श्रेणी के मकान खरीदारों का रहता है.
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