होम / बिजनेस / लाभांश की ताकत: TCS बना टाटा संस का वित्तीय सहारा
लाभांश की ताकत: TCS बना टाटा संस का वित्तीय सहारा
TCS लाभांश और शेयर बायबैक ने टाटा संस को घाटे में चल रही कंपनियों का भार सहने और वित्तीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
टाटा संस की हालिया बोर्ड बैठक में विभिन्न सहायक कंपनियों के वित्तीय नुकसान पर लंबी चर्चा हुई. जानकरी के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इन नुकसानों की राशि को लेकर चिंता जताई. वहीं, FY20 से लेकर FY25 तक TCS से प्राप्त लाभांश ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे घाटे में चल रही कंपनियों को सहन करने और टाटा संस के शुद्ध लाभ में अभूतपूर्व वृद्धि करने में मदद की है. इस अवधि में टाटा संस का शुद्ध लाभ 275 प्रतिशत बढ़कर 45,588 करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जो इसे भारतीय कॉरपोरेट जगत की सबसे स्थिर और मजबूत कंपनियों में गिनता है.
TCS लाभांश: टाटा संस का वित्तीय स्तंभ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, FY20 से अब तक टाटा संस को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से 1.7 लाख करोड़ रुपये के लाभांश प्राप्त हुए, जिन्होंने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल के घाटों को संतुलित करने में मदद की. FY20 से एयर इंडिया ने लगभग 40,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया है. टाटा डिजिटल को भी TCS लाभांश से समर्थन मिला है, जिसे 2019 में टाटा संस ने 16,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के माध्यम से स्थापित किया था.
एयर इंडिया और टाटा डिजिटल के वित्तीय प्रदर्शन
FY24 में एयर इंडिया का नुकसान 4,444 करोड़ रुपये रहा, जबकि FY23 में यह 11,387 करोड़ रुपये था. FY21 और FY20 में नुकसान क्रमशः 7,017 करोड़ रुपये और 7,892 करोड़ रुपये रहा. इसके अतिरिक्त, FY25 में टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस ने मिलकर एयर इंडिया में 9,558 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया.
TCS के लाभांश और शेयर बायबैक का प्रभाव
FY20 से टाटा संस को TCS से प्रति वर्ष औसतन 30,000 करोड़ रुपये का लाभांश प्राप्त हुआ. FY20 से TCS द्वारा किए गए 40,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक को शामिल करने पर वास्तविक नकद प्रवाह इससे और अधिक है.
FY23 और FY25 में TCS के लाभांश वितरण अनुपात क्रमशः 100% और 94% थे, यानी कंपनी का लगभग पूरा लाभ शेयरधारकों को लौटाया गया, जिसमें टाटा संस सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता रहा.
टाटा संस का शुद्ध लाभ में 275% की वृद्धि
FY20 तक टाटा संस का शुद्ध लाभ लगभग 10,000 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये के बीच रहा. FY25 में TCS लाभांश के कारण शुद्ध लाभ 45,588 करोड़ रुपये तक बढ़ा, जो पिछले पांच वर्षों में 275% की वृद्धि को दर्शाता है.
अन्य घाटे में चल रही कंपनियां
FY25 में टाटा संस की 30 कंपनियों में से 16 अनलिस्टेड थीं. एयर इंडिया FY25 में 10,859 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ सबसे बड़ा घाटे में रहने वाला कंपनी रही. टाटा डिजिटल का नुकसान FY20 के 84 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 4,610 करोड़ रुपये हो गया. टाटा इंटरनेशनल, टाटा प्रोजेक्ट्स और टाटा प्ले ने भी घाटे में योगदान किया.
टैग्स