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अनिल अंबानी की कंपनियों पर शिकंजा तेज, ₹150 करोड़ लोन धोखाधड़ी मामले में पूर्व निदेशकों पर FIR
EOW के अनुसार, यह अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ दर्ज दूसरी एफआईआर है. इससे पहले मार्च 2026 में भी इसी तरह के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़ी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक्सिस बैंक से जुड़े ₹150 करोड़ के कथित लोन फ्रॉड मामले में समूह की कंपनियों के तत्कालीन निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि बैंक से लिया गया लोन तय उद्देश्य के बजाय दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया और बाद में भुगतान में डिफॉल्ट किया गया.
एक्सिस बैंक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
यह मामला एक्सिस बैंक के उपाध्यक्ष प्रकाश प्रभाकर राव की शिकायत पर मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. EOW के अनुसार, यह अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ दर्ज दूसरी एफआईआर है. इससे पहले मार्च 2026 में भी इसी तरह के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया था.
किन लोगों पर लगा आरोप?
एफआईआर में रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के तत्कालीन पूर्णकालिक निदेशकों, ADAG समूह की लाभार्थी कंपनियों के पूर्व निदेशकों और संबंधित कंपनी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन लोगों ने बैंक को गुमराह कर वित्तीय नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रची और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन हासिल किया.
2010 से 2019 के बीच हुआ कथित घोटाला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा मामला जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच का है. आरोप है कि कंपनियों ने RHFL की वित्तीय स्थिति को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी दी ताकि बैंक से बड़ा लोन मंजूर कराया जा सके. जांच में यह भी सामने आया कि लोन की रकम मिलने के बाद उसे समूह से जुड़ी अन्य कंपनियों के खातों में डायवर्ट कर दिया गया.
फर्जी दस्तावेज और लोन डायवर्जन का आरोप
EOW के अनुसार, आरोपियों ने लोन स्वीकृत कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा किए और कंपनी की वित्तीय स्थिति को वास्तविकता से बेहतर दिखाया. इसके बाद लोन राशि का इस्तेमाल मूल उद्देश्य के बजाय अन्य संबद्ध कंपनियों में किया गया. बैंक का दावा है कि इससे उसे भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा.
मार्च में भी दर्ज हुआ था मामला
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 12 मार्च 2026 को भी इसी तरह के आरोपों के आधार पर ADAG से जुड़ी कंपनियों और उनके अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. अब दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है.
जांच एजेंसियों की नजर में ADAG
हाल के वर्षों में अनिल अंबानी समूह की कई कंपनियां कर्ज, भुगतान डिफॉल्ट और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर रही हैं. ताजा मामला समूह की वित्तीय गतिविधियों पर बढ़ती निगरानी को दर्शाता है.
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