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2025 की Q1 में दुनिया के टॉप 25 बैंकों की मार्केट वैल्यू 20% बढ़ी, जानें कौन रहा नंबर वन?
GlobalData नाम की एक रिसर्च कंपनी के मुताबिक, ज्यादातर बैंकों के शेयरों की कीमतों में इस दौरान बढ़त हुई क्योंकि सेंट्रल बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दुनिया के टॉप 25 बैंकों की कुल मार्केट वैल्यू (मार्केट कैप) में साल भर में 20.1% की बढ़त हुई है, और यह 31 मार्च 2025 को खत्म हुई पहली तिमाही (Q1) में बढ़कर 4.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई. GlobalData नाम की एक रिसर्च कंपनी के मुताबिक, ज्यादातर बैंकों के शेयरों की कीमतों में इस दौरान बढ़त हुई क्योंकि सेंट्रल बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की थी.
GlobalData के एनालिस्ट मूर्ति ग्रांधी ने कहा कि “2024 में ज्यादातर सेंट्रल बैंकों ने ब्याज दरें घटाईं, जिससे बैंकों की कमाई (नेट इंटरेस्ट इनकम) बढ़ी. लेकिन अब महंगाई (इंफ्लेशन) लगातार बनी हुई है और कुछ देशों द्वारा टैरिफ (कर) लगाने से यह और बढ़ सकती है. इसी कारण अब सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्क रवैया अपना सकते हैं.”
अमेरिका के बैंक सबसे आगे रहे
JPMorgan Chase अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा बैंक बना हुआ है, जिसकी मार्केट वैल्यू (MCap) 2025 की पहली तिमाही (Q1) के अंत तक 17.7% बढ़कर 679 अरब डॉलर हो गई. यह बढ़त उसके कॉमर्शियल और इनवेस्टमेंट बैंक डिवीजन में ज्यादा कमाई (ज्यादा इनवेस्टमेंट बैंकिंग फीस) की वजह से हुई, जिससे वह अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल गया.
Goldman Sachs और Morgan Stanley की मार्केट वैल्यू में भी अच्छी बढ़त हुई- क्रमशः 24.1% और 20.8%. इसकी वजह थी पूंजी बाजार (कैपिटल मार्केट) में सुधार और उनकी वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं का अच्छा प्रदर्शन. लेकिन TD Bank की मार्केट वैल्यू 1.1% घटकर 105.9 अरब डॉलर हो गई. इसका कारण था खुदरा बैंकिंग (रिटेल बैंकिंग) में धीमी बढ़त और कनाडा के ठंडे पड़ते हाउसिंग मार्केट के बीच बंधक लोन (मॉर्गेज) की चुकौती को लेकर चिंता.
चीन के बड़े चार बैंकों की मार्केट वैल्यू में 20% की बढ़त
चीन के टॉप चार बैंकों- ICBC, बैंक ऑफ चाइना, एग्रीकल्चर बैंक ऑफ चाइना और चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक की मार्केट वैल्यू में साल भर में 15% से 40% तक की बढ़त हुई. इसकी बड़ी वजह थी लोन देने में बढ़ोतरी, सरकार द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को बढ़ावा देने के लिए स्टिम्युलस (सहायता पैकेज), और बैंकों की संपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार.
यूरोप के बैंकों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. HSBC Holdings की मार्केट वैल्यू 37% बढ़कर 203.4 अरब डॉलर हो गई, क्योंकि बैंक ने एशिया-केंद्रित रणनीति पर ध्यान दिया. Banco Santander की मार्केट वैल्यू भी 33.4% बढ़कर 102.9 अरब डॉलर हो गई. इसका कारण था यूरोप के सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती और सरकार की तरफ से भारी खर्च की उम्मीद, जिससे बैंकिंग शेयरों को नया जोश मिला. DBS Group Holdings की मार्केट वैल्यू में 43.3% की बढ़त हुई, जो उसके मजबूत कारोबार के प्रदर्शन को दिखाता है और उम्मीदों के मुताबिक रहा.
भारतीय बैंकों ने मजबूती दिखाई
HDFC बैंक सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाला बैंक रहा, जिसकी मार्केट वैल्यू 23.8% बढ़कर 163.3 अरब डॉलर हो गई. यह भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल बैंकिंग और क्रेडिट सिस्टम की ताकत को दिखाता है. ICICI बैंक की मार्केट वैल्यू भी 21.2% बढ़कर 111.7 अरब डॉलर हो गई. इसका कारण था इसका सस्ता वैल्यूएशन और मजबूत बिज़नेस ग्रोथ.
मूर्ति ग्रांधी ने कहा कि “GlobalData का मानना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ (आयात कर) से दुनिया भर में मंदी का डर बढ़ गया है. इससे लोग कम खर्च कर सकते हैं और बिज़नेस भी कम उधार लेंगे, जिससे बैंकों की लोन डिमांड और मुनाफा दोनों पर बुरा असर पड़ेगा. ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, बैंकिंग शेयरों में गिरावट आई है और लोन डिफॉल्ट का खतरा भी बढ़ा है. इन मुश्किलों से निपटने के लिए बैंकों को अपनी कमाई के तरीकों में विविधता लानी होगी, रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करना होगा और डिजिटल बदलाव में निवेश करना होगा. 2025 की दूसरी तिमाही (Q2) का हाल ट्रेड डील्स, सेंट्रल बैंकों की नीतियों और ग्लोबल इकोनॉमी की दिशा पर निर्भर करेगा, जो अभी बहुत अनिश्चित है.”
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