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सरकार शुरू करने जा रही है सागरमाला 2.0, 839 परियोजनाओं पर होगा ₹5.79 लाख करोड़ का निवेश
सरकार ने सागरमाला योजना के तहत भारत में 839 परियोजनाओं को विकसित करने के लिए 5.79 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का प्लान है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत सरकार सागरमाला 2.0 शुरू करने जा रही है, जो बंदरगाह आधारित विकास योजना का नया और बेहतर संस्करण होगा, इसका मकसद बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करना और समुद्री संपर्क (Maritime Connectivity) को मजबूत करना है. बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार ने अब तक सागरमाला योजना के तहत 5.79 लाख करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जिससे 839 परियोजनाओं को मदद मिली है.
सागरमाला 2.0 का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स (माल ढुलाई) को बेहतर बनाना, मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट (सड़क, रेल, जलमार्ग आदि को जोड़ना) को बढ़ावा देना और भारत के तटीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नया निवेश लाना है. 839 परियोजनाओं में से 272 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिन पर 1.41 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए. सागरमाला के तहत बंदरगाहों के आधुनिकीकरण से जुड़ी 234 परियोजनाएं 2.91 लाख करोड़ रुपये की लागत से चल रही हैं, जिनमें से 103 पूरी हो चुकी हैं और इससे 230 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) क्षमता बढ़ी है.
सड़क और रेल जैसी कनेक्टिविटी के लिए 279 परियोजनाएं 2.06 लाख करोड़ रुपये में बन रही हैं, जिनमें से 92 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और इससे 1,500 किलोमीटर की बंदरगाह कनेक्टिविटी बेहतर हुई है. बंदरगाह आधारित उद्योग (Port-led Industrialisation) में 14 परियोजनाएं 55,000 करोड़ रुपये की लागत से बनीं, जिनमें से 9 पूरी हो चुकी हैं. तटीय समुदाय विकास (Coastal Community Development) और अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) में 26,000 करोड़ रुपये की 310 से ज्यादा परियोजनाएं चल रही हैं, जिनसे 30,000 से ज्यादा मछुआरों और तटीय इलाकों को फायदा हुआ है. साथ ही मंत्रालय ने तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 119 परियोजनाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये भी दिए हैं.
मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "सागरमाला ने भारत के समुद्री क्षेत्र की असली ताकत को उजागर करने में एक गेम-चेंजर की भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से दशकों तक अनदेखा रहा समुद्री क्षेत्र सागरमाला के जरिए महत्वपूर्ण बना. अब जब हम सागरमाला 2.0 की ओर बढ़ रहे हैं, तो हमारा लक्ष्य है कि बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करें और नए निवेश लाकर तटीय इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें."
सागरमाला 2.0 एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें अब जहाज निर्माण, मरम्मत, तोड़ने और रिसाइकलिंग (पुनर्चक्रण) पर खास ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए सरकार ने बजट से 40,000 करोड़ रुपये का समर्थन दिया है और अगले 10 सालों में 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है.
मंत्री ने कहा, "हमारा मंत्रालय 2047 तक भारत के समुद्री क्षेत्र को पूरी तरह बदलने के लिए काम कर रहा है. इसके लिए Maritime Amrit Kaal Vision (MAKV) जैसी योजनाएं लाई गई हैं. इसका लक्ष्य भारत को दुनिया के टॉप 5 जहाज निर्माण वाले देशों में शामिल करना है और 4 मिलियन GRT (ग्रॉस रजिस्टर टन) की जहाज निर्माण क्षमता जोड़ना है. साथ ही बंदरगाहों की माल हैंडलिंग क्षमता को सालाना 10 अरब मीट्रिक टन तक बढ़ाना है, जो भारत के समुद्री उद्योग की अब तक की सबसे बड़ी विकास यात्रा होगी."
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