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Air India हादसे से बीमा कंपनियों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ, 1000 करोड़ रुपये से अधिक के दावों की संभावना
विमान का बीमा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंदन के इंश्योरेंस बाजार में हुआ था, जिसमें भारतीय बीमा कंपनियों की भागीदारी सीमित (10% से कम) रही.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया (Air India) की फ्लाइट के हादसे के बाद बीमा कंपनियों को एक बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है. जानकारों के मुताबिक, इस हादसे से बीमा कंपनियों को 120 मिलियन डॉलर (करीब 1000 करोड़ रुपये) से ज्यादा की राशि का भुगतान करना पड़ सकता है. यह अब तक का भारत में सबसे बड़ा एविएशन इंश्योरेंस क्लेम बन सकता है.
विमान की कीमत और यात्रियों के मुआवजे में भारी खर्च
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे में विमान के पूरी तरह नष्ट होने से बीमा कंपनियों को करीब 80 मिलियन डॉलर का नुकसान झेलना पड़ सकता है. इसे एविएशन बीमा में हुल लॉस (Hull Loss) कहा जाता है. वहीं, यात्रियों के मुआवजे पर 30 से 50 मिलियन डॉलर खर्च हो सकते हैं. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 1000 करोड़ रुपये तक भी जा सकती है, क्योंकि विमान में कई हाई-प्रोफाइल और अमीर यात्री सवार थे.
किसने किया था विमान का बीमा?
इस विमान का बीमा लंदन के इंश्योरेंस बाजार में करवाया गया था. इसे ग्लोबल रीइंश्योरेंस प्रोग्राम कहा जाता है, जिसमें ज्यादातर जोखिम विदेशी बीमा कंपनियों को ट्रांसफर किया जाता है. भारत की बीमा कंपनियों जैसे टाटा एआईजी, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया, ओरिएंटल इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल ने मिलकर इस बीमा में हिस्सा लिया था, लेकिन इनका कुल जोखिम 10% से भी कम रहा. वहीं, सरकारी रीइंश्योरेंस कंपनी जीआईसी रे का इसमें 5% हिस्सा था.
भारत में अब तक का सबसे बड़ा एविएशन क्लेम
एलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स में एविएशन बिजनेस के प्रमुख सौरव बिस्वास ने कहा कि यह भारत में किसी एयरलाइन से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा बीमा क्लेम हो सकता है. इससे पहले वर्ष 2010 में मंगलौर में दुबई से आ रहे एक बोइंग 737 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 158 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, 2020 में कोझीकोड में हुए हादसे में 21 लोग मारे गए थे. इन दोनों घटनाओं में बीमा कंपनियों ने कुल मिलाकर 60-70 मिलियन डॉलर तक का भुगतान किया था.
प्रत्येक यात्री को कितना मुआवजा?
टाटा एआईजी के प्रवक्ता ने बताया कि एयर इंडिया के मुख्य बीमाकर्ता के रूप में कंपनी स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है. एक बीमा अधिकारी के अनुसार, एयर इंडिया की देनदारी सीमा 1.5 बिलियन डॉलर यानी 12,450 करोड़ रुपये तक है. प्रत्येक यात्री की मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में करीब 250,000 डॉलर यानी 2.15 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा सकता है.
हादसे के बाद नई चिंता
इस हादसे के एक दिन बाद ही मुंबई से लंदन जा रही एक और एयर इंडिया फ्लाइट को वापस लौटना पड़ा, जिससे यात्रियों में एक बार फिर डर का माहौल बन गया है. एविएशन इंडस्ट्री और बीमा क्षेत्र अब इस घटना के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर सतर्क हो गए हैं.
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