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OXMIQ Labs ने जुटाए 35 मिलियन डॉलर, AI चिप आर्किटेक्चर के विस्तार को मिलेगी रफ्तार
Samsung Catalyst Fund समेत कई वैश्विक निवेशकों ने किया निवेश, अब तक 60 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
AI और GPU आर्किटेक्चर विकसित करने वाली कंपनी OXMIQ Labs Inc. ने 35 मिलियन डॉलर की सीरीज-A फंडिंग जुटाने का ऐलान किया है. इस निवेश के साथ कंपनी अब तक कुल 60 मिलियन डॉलर की पूंजी जुटा चुकी है. इस फंडिंग का इस्तेमाल कंपनी अपने लाइसेंस योग्य GPU आर्किटेक्चर OxCore के विस्तार के लिए करेगी, जिससे सेमीकंडक्टर कंपनियां और AI सिस्टम निर्माता बिना पूरा चिप प्रोग्राम विकसित किए अपनी जरूरत के मुताबिक कस्टम AI सिलिकॉन तैयार कर सकेंगे.
इस निवेश दौर का नेतृत्व Fundomo और Samsung Catalyst Fund ने संयुक्त रूप से किया. इसके अलावा MediaTek, AM Intelligence Labs, Pegatron Venture Capital, CDIB-TEN, Darwin Ventures, Morgan Creek Digital समेत कई वित्तीय और रणनीतिक निवेशकों ने भी इसमें भागीदारी की.
AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करने पर फोकस
कंपनी का कहना है कि AI आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण मौजूदा कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ रहा है. इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए OXMIQ ने Atoms to Agents अवधारणा पर आधारित नई GPU आर्किटेक्चर विकसित की है, जो सिलिकॉन IP, कॉन्फिगरेबल सिस्टम और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को एक साथ जोड़ती है.
OxCore में एक साथ तीन कंप्यूट इंजन
OXMIQ की प्रमुख तकनीक OxCore एक स्केलेबल और लाइसेंस योग्य GPU कोर है, जिसमें तीन अलग-अलग कंप्यूट इंजन एक साथ काम करते हैं.
1. CUDA®-कम्पैटिबल GPU इंजन
2. Tensor Processing Engine
3. Orchestration Engine (CPU)
कंपनी के अनुसार, यह डिजाइन डेटा ट्रांसफर को कम करता है, जिससे AI वर्कलोड के दौरान ऊर्जा दक्षता और कंप्यूटिंग प्रदर्शन बेहतर होता है. यह तकनीक छोटे AI सिस्टम से लेकर बड़े डेटा सेंटर तक आसानी से स्केल की जा सकती है. फिलहाल इसका लाइव डेमो FPGA प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है.
OxQuilt देगा कस्टम AI चिप बनाने की सुविधा
कंपनी ने OxQuilt नामक नई चिपलेट इंटीग्रेशन आर्किटेक्चर भी विकसित की है. इसकी मदद से विभिन्न प्रकार के कंप्यूट चिपलेट और मेमोरी को एक ही पैकेज में जोड़ा जा सकता है.
कंपनी का दावा है कि यह तकनीक किसी एक फाउंड्री या मेमोरी सिस्टम पर निर्भर नहीं है. ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रोसेस नोड, मेमोरी तकनीक, इंटरकनेक्ट स्टैंडर्ड और एडवांस पैकेजिंग विकल्प चुन सकते हैं. इससे कंपनियां कम लागत में कस्टम AI सिलिकॉन तैयार कर सकेंगी.
डेवलपर्स के लिए तैयार किया सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म
OXMIQ ने हार्डवेयर के साथ एक व्यापक सॉफ्टवेयर स्टैक भी विकसित किया है. OxPython के जरिए डेवलपर्स बिना किसी कोड में बदलाव किए मौजूदा CUDA® और PyTorch® एप्लिकेशन OxCore पर चला सकेंगे. कंपनी के मुताबिक यह प्लेटफॉर्म नए AI मॉडल्स के लिए पहले दिन से ही सपोर्ट उपलब्ध कराता है.
पूंजी बचाने वाला बिजनेस मॉडल
कंपनी का कहना है कि उसका बिजनेस मॉडल पूरी चिप बनाने के बजाय आर्किटेक्चर IP लाइसेंसिंग पर आधारित है. इससे ग्राहक परियोजनाओं के जरिए राजस्व भी मिलता है और कंपनी को बड़े पैमाने पर पूंजी खर्च करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती.
Samsung Catalyst Fund ने जताया भरोसा
Samsung Catalyst Fund के एसवीपी एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डेविड (डेडे) गोल्डश्मिट ने कहा कि OXMIQ का नया AI कोर और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म बड़े पैमाने पर AI वर्कलोड के लिए अधिक कुशल और कस्टम समाधान उपलब्ध कराता है. उन्होंने कहा कि कंपनी की तकनीक भविष्य के AI इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकती है.
वहीं Fundomo के पार्टनर राजीव सुरती ने कहा कि OXMIQ का मॉडल ग्राहकों को चिप, मेमोरी और पैकेजिंग को अपनी जरूरत के अनुसार डिजाइन करने की स्वतंत्रता देता है, जिससे AI कंप्यूटिंग की लागत में कमी आएगी.
बोर्ड में शामिल हुए जिम केलर
कंपनी ने अपने बोर्ड और सलाहकार समूह का भी विस्तार किया है. प्रसिद्ध चिप आर्किटेक्ट और Tenstorrent के CEO जिम केलर OXMIQ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हो गए हैं. वहीं Intel के पूर्व प्रोसेस टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. वल्लुरी (बॉब) राव कंपनी के सलाहकार बने हैं.
OXMIQ के संस्थापक एवं CEO राजा कोडुरी ने कहा कि खुली और लाइसेंस योग्य GPU आर्किटेक्चर दुनिया भर की डिजाइन टीमों को अपनी जरूरत के अनुसार AI सिलिकॉन विकसित करने की आजादी देगी. उन्होंने कहा कि AI तभी वास्तव में सभी के लिए उपयोगी बन सकता है, जब इसकी कंप्यूटिंग लागत कम हो और अधिक से अधिक कंपनियां इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकें.
भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी होगा फोकस
AM Intelligence Labs के साथ मिलकर OXMIQ भारत में 5 गीगावॉट AI फैक्ट्री विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है. इसमें से 3 गीगावॉट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा आधारित AI कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित की जाएगी. कंपनी ने बताया कि वह सेमीकंडक्टर कंपनियों, AI सिस्टम निर्माताओं, नियोक्लाउड कंपनियों और रोबोटिक्स क्षेत्र के संगठनों के साथ साझेदारी के लिए भी काम कर रही है.
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