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शिप रीसाइक्लिंग में दुनिया का हब बनेगा भारत, ₹76,000 करोड़ की योजना से 16,000 जहाजों का लक्ष्य
भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय शिप रीसाइक्लिंग रेगुलेशन (EUSRR) के तहत भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्ड्स को मान्यता दिलाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारत शिप रीसाइक्लिंग उद्योग में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. केंद्र सरकार ने अगले दशक में करीब 16,000 जहाजों की रीसाइक्लिंग का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए 8 अरब डॉलर (करीब ₹76,000 करोड़) की वित्तीय सहायता का ऐलान किया गया है. साथ ही भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल शिप रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है.
अगले दशक में 16,000 जहाजों की रीसाइक्लिंग का लक्ष्य
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत अगले 10 वर्षों में करीब 16,000 जहाजों की रीसाइक्लिंग का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है. सरकार ने शिपबिल्डिंग और शिप रीसाइक्लिंग सेक्टर को गति देने के लिए 8 अरब डॉलर (करीब ₹76,000 करोड़) की वित्तीय सहायता की घोषणा की है.
EU के साथ बढ़ेगा सहयोग
भारत और यूरोपीय संघ ने टिकाऊ शिप रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है. दोनों पक्षों ने यूरोपीय शिप रीसाइक्लिंग रेगुलेशन (EUSRR) के तहत भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्ड्स को मान्यता दिलाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की. वर्तमान में भारत के 30 से अधिक यार्ड EU की मंजूरी पाने की प्रक्रिया में हैं.
रोजगार और पर्यावरण दोनों को मिलेगा लाभ
सोनोवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने से भारतीय रीसाइक्लिंग सुविधाओं की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी. इससे पर्यावरण-अनुकूल रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा, नए रोजगार पैदा होंगे और समुद्री क्षेत्र में टिकाऊ विकास को मजबूती मिलेगी.
संयुक्त कार्य समूह बनाने का प्रस्ताव
यूरोपीय आयोग की आयुक्त जेसिका रोसवाल ने भारतीय यार्ड्स की प्रगति की सराहना करते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (JWG) बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय से पहले EU सदस्य देशों के साथ इस विषय पर चर्चा की जाएगी. साथ ही भारतीय शिप रीसाइक्लिंग सुविधाओं का दौरा करने की भी इच्छा जताई.
भारत की वैश्विक हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) के अनुसार, वैश्विक शिप रीसाइक्लिंग में भारत की हिस्सेदारी 2024 के 30.1 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई है. वर्ष 2025 में भारत ने 2.99 मिलियन ग्रॉस टन (GT) जहाजों की रीसाइक्लिंग की, जो 2024 के 1.86 मिलियन GT की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक है.
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो रहे यार्ड
सरकार के अनुसार, भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्ड्स ने अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है. इनमें एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रणाली, श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं और आवास जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं. सरकार नियमित और बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण के जरिए पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है.
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