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TFCI ने AIF क्षेत्र में रखा कदम, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मिलेगा फंड

इस कदम से TFCI का बिजनेस मॉडल अधिक स्केलेबल, मजबूत और लचीला बनता है, जो बदलते बाजार अवसरों और निवेशकों की वैकल्पिक एसेट्स में बढ़ती रुचि के अनुरूप है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

टूरिज्म फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (TFCI) ने होटल और रियल एस्टेट सेक्टर पर फोकस करने वाले कैटेगरी-II अल्टरनेट इनवेस्टमेंट फंड्स (AIF) स्थापित करने के लिए अनुभवी संस्थाओं के साथ अहम साझेदारियां की हैं. इसके साथ ही कंपनी अपने पारंपरिक टूरिज्म फाइनेंसिंग कारोबार से आगे बढ़कर विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा रही है.

यह पहल TFCI के लिए एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है, जिसके तहत कंपनी खुद को एक विविधीकृत नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में स्थापित कर रही है, जहां फाइनेंसिंग और निवेश का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा. प्रस्तावित AIF प्लेटफॉर्म हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट एसेट्स में इक्विटी और स्ट्रक्चर्ड इनवेस्टमेंट पर फोकस करेंगे. ये ऐसे सेक्टर हैं, जहां TFCI को लंबे समय से गहरी विशेषज्ञता हासिल है.

यह कंपनी की व्यापक ग्रोथ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न एसेट क्लास में अपनी मौजूदगी बढ़ाना और पारंपरिक टर्म लेंडिंग पर निर्भरता कम करना है. AIF के जरिए निवेश के अलावा TFCI हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) में भी अपनी लेंडिंग गतिविधियों का विस्तार करने की योजना बना रही है.

इसके साथ ही कंपनी लोन-अगेंस्ट-प्रॉपर्टी और लिस्टेड शेयरों के बदले फाइनेंसिंग जैसे उत्पाद भी पेश करती है, जिससे उसका रिटेल और स्ट्रक्चर्ड क्रेडिट पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ है.

TFCI का यह विविधीकरण प्रयास भारत के क्रेडिट मार्केट्स में बदलते रुझानों को दिखाता है, जहां होटल और कमर्शियल रियल एस्टेट जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टरों के लिए वैकल्पिक निवेश ढांचे तेजी से अपनाए जा रहे हैं. AIF के जरिए लेंडर्स को इक्विटी से जुड़े अपसाइड में भागीदारी का मौका मिलता है, साथ ही बैलेंस शीट से जुड़े जोखिमों को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है.

पहले भारत के टूरिज्म सेक्टर के लिए एक विशिष्ट लेंडर के रूप में पहचानी जाने वाली TFCI ने हाल के वर्षों में अपने प्रोडक्ट्स और सेक्टोरल एक्सपोजर का लगातार विस्तार किया है. यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब घरेलू यात्रा मांग और शहरी विकास के चलते हॉस्पिटैलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एसेट्स में निवेश गतिविधियां बढ़ रही हैं.

कुल मिलाकर, सेक्टोरल विस्तार और AIF रणनीति के जरिए TFCI एक स्केलेबल और मजबूत बिजनेस मॉडल तैयार करना चाहती है, जो बदलते बाजार अवसरों और वैकल्पिक एसेट्स में निवेशकों की बढ़ती रुचि के अनुरूप हो.
 


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