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99 पैसे में TCS को मिली 21.16 एकड़ जमीन, आंध्र प्रदेश सरकार का IT हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
TCS को जमीन आवंटित करना आंध्र सरकार की आईटी निवेश बढ़ाने की रणनीति का बड़ा कदम है. यह फैसला राज्य को तकनीकी हब बनाने और युवाओं के लिए रोजगार दिशा में एक मजबूत पहल साबित हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आंध्र प्रदेश सरकार ने देश की टॉप IT कंपनियों में शामिल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को विशाखापत्तनम में महज 99 पैसे की टोकन राशि पर 21.16 एकड़ जमीन आवंटित की है. यह कदम सिर्फ एक सौदा नहीं, बल्कि राज्य को देश का अगला आईटी पावरहाउस बनाने की रणनीति का हिस्सा है. इस जमीन पर कंपनी एक अत्याधुनिक डेवलपमेंट सेंटर बनाने की योजना बना रही है, जिससे 12,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. वहीं, सरकार ने भी यह साफ संकेत दिया है कि आंध्र प्रदेश अब देश का अगला बड़ा इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनने को तैयार है. आइए इस डील के बारे में विस्तार से जानते हैं.
1,370 करोड़ का निवेश
जानकारी के अनुासार TCS इस जमीन पर लगभग 1,370 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. यह प्रोजेक्ट एक प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (Development Centre) के रूप में विकसित किया जाएगा. इस फैसले को आंध्र प्रदेश सरकार की आईटी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस जमीन को लेकर बातचीत अक्टूबर 2024 में शुरू हुई थी, जब राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने टाटा समूह का दौरा किया था. तभी से टीसीएस को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया. सरकार और कंपनी के बीच हुई लगातार बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, "यह निर्णय आंध्र प्रदेश की गंभीरता को दर्शाता है कि वह आईटी क्षेत्र में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करना चाहता है."
लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
इस फैसले के साथ ही, राज्य के स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) ने अब तक 57 कंपनियों के 4.71 ट्रिलियन रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य में 4.17 लाख नौकरियों के सृजन की उम्मीद की जा रही है. एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद यह तेज़ी से बढ़ा है. सरकार का लक्ष्य 2029 तक 40 ट्रिलियन रुपये का निवेश आकर्षित करना और 2 मिलियन नौकरियां पैदा करना है. फिलहाल, राज्य को लगभग 8 ट्रिलियन रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं.
नवीनतम निवेशों में अक्षय ऊर्जा सबसे आगे
राज्य में निवेश के आकर्षण का सबसे बड़ा कारण है इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी, जो अक्टूबर 2024 में लागू हुई. इसके तहत नए प्रोत्साहनों और त्वरित मंजूरियों की व्यवस्था की गई, जिसने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से निवेश को बढ़ावा दिया. इस क्षेत्र में 4 ट्रिलियन रुपये का निवेश आने की संभावना जताई जा रही है. इसमें कई प्रमुख कंपनियां जैसे एनटीपीसी ग्रीन (2.08 ट्रिलियन रुपये), टाटा पावर (49,000 करोड़ रुपये), वेदांता की सेरेंटिका (50,000 करोड़ रुपये), ब्रुकफील्ड (50,000 करोड़ रुपये), एसएईएल इंडस्ट्रीज (6,000 करोड़ रुपये) शामिल हैं. इसके अलावा, रिन्यू पावर भी राज्य में बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है.
चंद्रबाबू नायडू की रणनीति की तुलना मोदी मॉडल से
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के इस फैसले की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल से की जा रही है. जब मोदी मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने साणंद में टाटा मोटर्स को 99 पैसे में जमीन दी थी, जिससे गुजरात में ऑटोमोबाइल हब का विकास हुआ. आंध्र सरकार की यह पहल भी आईटी सेक्टर में वैसा ही इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
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