होम / बिजनेस / अमेरिकी टैरिफ के बाद Tata Motors के शेयर में भी भारी गिरावट! JLR ने लिया ये फैसला
अमेरिकी टैरिफ के बाद Tata Motors के शेयर में भी भारी गिरावट! JLR ने लिया ये फैसला
ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद शेयर मार्केट में आई गिरावट का सबसे बड़ा असर टाटा मोटर्स पर पड़ा, जिसके शेयर में 11% की गिरावट आई और यह 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के करीब 19 लाख करोड़ रुपये डूब गए. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान रहा. इसका सीधा असर टाटा ग्रुप की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) पर भी पड़ा है, तो आइए जानते हैं टाटा मोटर्स पर इसका क्या असर पड़ा ?
टाटा मोटर्स के शेयर में 11% तक की गिरावट
सोमवार को टाटा मोटर्स के शेयर में शुरुआती ट्रेडिंग में ही 11.60% की तेज गिरावट देखी गई. शुक्रवार को जहां शेयर 613.85 रुपये पर बंद हुआ था, वहीं सोमवार को यह 552.50 रुपये पर खुला और कुछ ही समय में गिरकर 542.55 रुपये पर आ गया. हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और खबर लिखने के दौरान ये शेयक 7.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 566.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचा शेयर
542.55 रुपये का स्तर टाटा मोटर्स के शेयर का 52 हफ्तों का न्यूनतम स्तर है. वहीं, 52 हफ्तों में इस शेयर ने अधिकतम 1,179.05 रुपये का स्तर भी छुआ था, जो कि 30 जुलाई को रिकॉर्ड किया गया था. यानी इस अवधि में शेयर में करीब 54 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है.
क्यों गिरा टाटा मोटर्स का शेयर?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका द्वारा इंपोर्टेड गाड़ियों पर लगाए गए 25% टैरिफ को माना जा रहा है. टाटा मोटर्स की ब्रिटिश यूनिट, जगुआर लैंड रोवर (JLR), ने इस टैरिफ के चलते अप्रैल से अमेरिका को गाड़ियों का शिपमेंट रोकने का फैसला किया है. टाटा मोटर्स ने साल 2008 में फोर्ड मोटर्स से JLR का अधिग्रहण किया था.
अमेरिका में JLR की कोई फैक्ट्री नहीं, पूरा भरोसा एक्सपोर्ट पर
JLR की गाड़ियां– जैसे जगुआर, रेंज रोवर और डिफेंडर – लग्जरी सेगमेंट की हैं और इनकी कीमत पहले ही काफी अधिक होती है. अमेरिका में JLR की कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं है, जिससे कंपनी पूरी तरह से एक्सपोर्ट पर निर्भर है. टैरिफ बढ़ने से गाड़ियों की कीमत और ज्यादा हो जाएगी, जिससे सेल पर नकारात्मक असर पड़ेगा. इसी डर से कंपनी ने अमेरिका को शिपमेंट फिलहाल रोक दिया है. टाटा मोटर्स ने मार्च 2025 की बिक्री रिपोर्ट भी जारी की है, जिसमें घरेलू बिक्री में कोई खास बदलाव नहीं दिखा. मार्च 2025 में कंपनी ने 90,500 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल मार्च में बिकीं 90,822 यूनिट्स के लगभग बराबर है.
टैग्स