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टाटा संस के IPO की आस तो टूट गई, अब Tata Capital का क्या है इरादा?
टाटा कैपिटल का आईपीओ इसी साल आने की बात कही जा रही थी, लेकिन इसकी संभावना बेहद कम हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
टाटा कैपिटल का आईपीओ (Tata Capital IPO) कब आ रहा है, इस सवाल का जवाब देना फिलहाल मुश्किल है. पहले माना जा रहा था कि टाटा समूह की इस फाइनेंस सर्विस यूनिट का आईपीओ इस साल के आखिरी तक आ सकता है. लेकिन अब इसका इंतजार और लंबा होने जा रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टाटा कैपिटल ने टाटा मोटर्स फाइनेंस के साथ मर्जर का हवाला देते हुए बैंकिंग रेगुलेटर से लिस्टिंग के लिए और समय मांगा है.
अनिवार्य है लिस्टिंग
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अपर लेयर NBFC नियमों के तहत टाटा कैपिटल को सितंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से स्टॉक मार्केट में लिस्ट होना है. कुछ समय पहले खबर आई थी कि कंपनी निर्धारित डेडलाइन से पहले ही आईपीओ लाकर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है. हालांकि, अब इस तैयारी को शायद कंपनी ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है. टाटा कैपिटल ने RBI से डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है.
दोनों का होना है मर्जर
टाटा ग्रुप ने इसी साल अपनी फाइनेंस यूनिट टाटा मोटर्स फाइनेंस (Tata Motors Finance) का टाटा कैपिटल (Tata Capital) में विलय करने का फैसला लिया था. शेयर स्वैप के जरिए पूरी होने वाली इस डील को जुलाई में कंपनियों से बोर्ड से हरी झंडी मिली थी. माना जा रहा है कि इस मर्जर को फाइनल होने में अभी 9 से 12 महीने का समय लगेगा. इसी को आधार बनाते हुए टाटा कैपिटल ने अनिवार्य लिस्टिंग की डेडलाइन बढ़ाने की गुहार RBI से लगाई है.
टाटा संस को मिली छूट!
हाल ही में टाटा संस के अनिवार्य लिस्टिंग से बच निकलने की खबर सामने आई थी. टाटा समूह काफी समय से अपनी इस कंपनी की लिस्टिंग से बचने की कोशिश कर रहा था. अब बताया जा रहा है कि उसने अनिवार्य लिस्टिंग से छूट के लिए RBI को एक रीस्ट्रक्चरिंग प्लान सौंपा है, जिसे रिजर्व बैंक ने मंजूरी दी है. टाटा संस के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत उसे अपर लेयर गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी यानी NBFC के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा. ऐसे में टाटा संस को स्टॉक मार्केट में अनिवार्य लिस्टिंग से छूट मिल जाएगी. अक्टूबर 2022 में RBI के एक सर्कुलर जारी कर कहा था कि NBFC अपर लेयर में आने वाली कंपनियों को तीन साल के भीतर अनिवार्य रूप से लिस्ट होना होगा. ऐसे में टाटा समूह के लिए भी टाटा संस और टाटा कैपिटल को बाजार में लिस्ट करना ज़रूरी हो गया था.
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