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स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज ने GRSE के साथ समझौता किया, जहाज निर्माण को बढ़ावा मिलेगा
यह साझेदारी भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विज़न के साथ मेल खाती है और SDHI की देश में वर्ल्ड-क्लास समुद्री ढांचा (Maritime Infrastructure) बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में कमर्शियल और डिफेंस शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और हेवी फेब्रिकेशन का एक बड़ा प्राइवेट खिलाड़ी स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (SDHI) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) के साथ एक अहम समझौता (MoU) किया है. यह समझौता 7 अप्रैल 2025 को GRSE भवन में साइन हुआ और भारत के स्वदेशी शिपबिल्डिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह साझेदारी भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विज़न के साथ मेल खाती है और SDHI की देश में वर्ल्ड-क्लास समुद्री ढांचा (maritime infrastructure) बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाती है.
इस समझौते का उद्देश्य मिलकर कमर्शियल जहाजों और समुंद्री ढांचों (offshore structures) का निर्माण करना है, ताकि भारत की ज़रूरतें पूरी हों और साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हिस्सेदारी बढ़े. SDHI और GRSE मिलकर अपनी डिज़ाइन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की ताकतों को जोड़ेंगे ताकि तेज़, किफायती और स्केलेबल (आसान विस्तार योग्य) शिपबिल्डिंग मॉडल तैयार किया जा सके. इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां एक-दूसरे की सुविधाएं साझा करेंगी, स्टैंडर्ड जहाज डिज़ाइन मिलकर बनाएंगी और प्रोजेक्ट्स को बेहतर तरीके से मैनेज करेंगी जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो सके.
इसके अलावा, इस समझौते में एक मजबूत वेंडर और सप्लाई चेन नेटवर्क बनाने पर ज़ोर दिया गया है, जो साझा खरीदारी और संसाधन उपयोग से और बेहतर होगा. साथ ही, कुशल मैनपावर तैयार करने की दिशा में भी दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी ताकि शिपबिल्डिंग क्षेत्र में लंबी अवधि की तरक्की हो सके. कुल मिलाकर, यह समझौता भारत की शिपबिल्डिंग क्षमताओं को आगे बढ़ाने, नए रोजगार पैदा करने, और समुद्री क्षेत्र में नवाचार व विकास को बढ़ावा देने की साझा सोच को दर्शाता है.
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