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FSSAI की स्टार रेटिंग की जगह लागू हो वार्निंग सिस्टम : अश्विनी महाजन
स्वदेशी जागरण मंच के अश्विनी महाजन का मानना है कि मौजूदा समय में वार्निंग का जो सिस्टम चल रहा है वो पूरी तरह से सही है. स्टॉर रेटिंग में लोगों को पता नहीं चल पाता है कि इसमें क्या-क्या मिला है.
ललित नारायण कांडपाल 2 years ago
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने केन्द्र सरकार द्वारा देशी-विदेशी प्रोडक्ट को स्टार रेटिंग की जगह वार्निंग सिस्टम को लागू किए जाने की मांग की है. स्वदेशी जागरण मंच अश्चिवनी महाजन से इसे लेकर एक ऑनलाइन याचिका भी दायर की है, जिसमें अभी तक 24 हजार से ज्यादा लोग साइन कर चुके हैं. संगठन का मानना है प्रोडक्ट की स्टॉर रेटिंग की बजाए सरकार को इन पर वार्निंग जारी करनी चाहिए. संगठन के लोगों की इस मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के लोगों से भी मुलाकात हो चुकी है.
क्या है रेटिंग का ये पूरा मामला
दरअसल FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर वार्निंग की जगह सटॉर रेटिंग देने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत होता है ये है कि खाने पीने के पैकेज्ड फूड पर हेल्थ वार्निंग की जगह स्टॉर रेटिंग होगी. हर तरह के खाने को स्टॉर रेटिंग दी जाएगी. इस रेटिंग में FSSAI के अनुसार लोगों को ये पता चल पाएगा कि कौन सा खाना स्वस्थ है औश्र कौन का अस्वस्थ. मौजूदा समय में ये व्यवस्था सिर्फ दो देशों में अपनाई जा रही है. इन दो देशों में आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं. आस्ट्रेलिया जैसे देश में तो कई संगठन के इसके साइड इफेक्ट को लेकर अध्ययन भी कर चुके हैं.
क्यों विरोध कर रहा है स्वदेशी जागरण मंच
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन कहते हैं कि ये व्यवस्था मौजूदा समय में सिर्फ आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ही चल रही है. अभी हमारे देश में जो व्यवस्था चल रही है उसे फ्रंट ऑफ पैकेज्ड लेबलिंग कहते हैं. एफओपीएल जहां जहां लॉन्च किया गया है वहां वहां हेल्थ वार्निंग दी गई हैं. इसमे इतना सुगर है सॉल्ट है, ये सब उपभोक्ता को पता चल जाता है कि वो क्या खा रहा है. जबकि स्टॉर रेटिंग एक तरह से उपभोक्ता को मिसगाइड करने वाली व्यवस्था है. इस व्यवस्था में इस बात की भी संभावना रहती है कि कंपनियां हाई शुगर, और सॉल्ट का इस्तेमाल कर दें. इसकी स्टॉर रेटिंग की भी अपनी-अपनी परिभाषा है मसलन कोई फाइव स्टॉर इसलिए देता है क्योंकि उसमें फ्रूट एडेड है. बाकी सभी जगह दरअसल इस पूरे सिस्टम के बाजार में आने के बाद आपको ये पता नहीं चल पाएगा कि आप जिस पैकेट बंद खाने को खा रहे हैं उसमें क्या कुछ मिला है.
स्वदेशी जागरण मंच ने शुरू की ऑनलाइन पिटिशन
FSSAI के इस फैसले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुसांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने एक ऑनलाइन पिटिशन दायर की है. अश्विनी महाजन कहते हैं कि अभी तक इस पिटिशन को 24000 हजार लोगों का समर्थन मिल चुका है, आने वाले दिनों में आगे इस मुहिम को और आगे बढ़ाया जाएगा. इस पीटिशन को इस लिंक पर जाकर साइन किया जा सकता है और इसके बारे में विस्तार से जाना जा सकता है. अश्विनी महाजन इस मामले को लेकर सरकार के कई विभागों से मुलाकात कर चुके हैं.
https://www.change.org/p/save-people-from-harmful-packaged-food-i-request-mohfw-india-to-urge-fssaiindia-to-print-warning-on-unhealthy-food-products-nowyourfood
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