होम / बिजनेस / स्वदेशी जगरण मंच ने सरकार से की Robot Tax लगाने की मांग, जानिए क्या होता है रोबोट टैक्स?

स्वदेशी जगरण मंच ने सरकार से की Robot tax लगाने की मांग, जानिए क्या होता है रोबोट टैक्स?

स्वदेशी जागरण मंच ने वित्त मंत्री के साथ बैठक में आगामी बजट में रोबोट टैक्स को लागू करने की मांग की है, ताकि AI के चलते लोगों के रोजगार पर पड़ रहे प्रभाव को कम किया जा सके.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

टेक्नोलॉजी के इस दौरा में एक ओर जहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) तेजी से हर क्षेत्र में अपनी पहुंच बना रहा है. वहीं, इससे लोगों का रोजगार बचाने के लिए रोबोट टैक्स की मांग भी तेजी पकड़ रही है. दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सहयोगी संस्था स्देशी जागरण मंच ने सरकार से बजट में रोबोट टैक्स लागू करने की मांग की है. तो आइए जानते हैं क्या है रोबोट टैक्स और इसकी हमें जरूरत क्यों है? 

स्वदेशी जागरण मंच ने वित्त मंत्री से की मुलाकात
स्वदेशी जागरण मंच ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ परामर्श बैठक में रोबोट टैक्स को लागू करने की सलाह दी है. उनके अनुसार इस टैक्स को लागू करने का उद्देश्य AI के रोजगार पर पड़ रहे प्रभाव को कम करना है. केंद्रीय बजट 23 जुलाई को पेश हो सकता है. ऐसे में स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार के सामने कई सुझाव रखे हैं. इसमें 'रोबोट टैक्स' का सुझाव भी शामिल है. 

रोजगार पैदा करने के लिए टैक्स प्रोत्साहन 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्वदेशी जागरण मंच ने रोबोट टैक्स की मांग करते हुए कहा है कि जो कंपनियां एआई का इस्तेमाल कर रही हैं, सरकार को उनसे टैक्स वसूलना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह एआई समेत अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह एक फैक्ट है कि इससे कर्मचारियों के कुछ वर्गों के बीच रोजगार का नुकसान होगा और 'रोबोट टैक्स' का उपयोग एक फंड बनाने के लिए किया जा सकता है, जो इन श्रमिकों का कौशल बढ़ाने और नई तकनीकों को अपनाने में मदद करेगा. उन्होंने कहा है कि इस तरह के टैक्स पर कई अन्य देशों में भी विचार किया जा रहा है, क्योंकि एआई अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है.

क्या है रोबोट टैक्स?
रोबोट टैक्स एक ऐसी रणनीति है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों की जगह मशीनों से काम कराए जाने के प्रयासों को कम करना है. साथ ही जॉब गंवाने वाले लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा के ताने-बाने को मजबूत करना है. जबकि औद्योगिक क्रांति से पहले ही मैन्युअल तरीके से काम कराए जाने परविचार किया जाता रहा है. मशीन लर्निन जैसे नए विकास के कारण 21वीं सदी में इस मुद्दे पर ज्यादा चर्चा हुई है. 6 अगस्त 2017 को राष्ट्रपति मून के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया ने पहला रोबोट टैक्स पारित किया था. 

इसे भी पढ़ें-जून तिमाही में के IREDA का नेट प्रॉफिट 30 प्रतिशत बढ़ा, क्या शेयर पर दिखेगा इसका असर?

ये भी रखी मांग
स्वदेशी जागरण मंच ने रोबोट टैक्स के अलावा देश हित में कई अन्य मांगे भी रखी हैं. उन्होंने कहा है कि  
1. 'खाली जमीन' के मालिकों पर संपत्ति टैक्स लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अनावश्यक भूमि रखने वालों की संख्या कम हो. 
2. चुनावी अभियान के दौरान बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा रहा. ऐसे में उद्योगों को ज्यादा रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. सरकार को रोजगार पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए. 
3. खाद्य मुद्रास्फीति के संबंध में छोटे किसानों को सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जानी चाहिए,  जिन्हें वे अपनी जमीन पर शुरू कर सकें और उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकें.  
4. सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची VII में जोड़कर कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर निधि) के जरिए फंडिंग के लिए पात्र बनाया पात्र बनाया जाना चाहिए.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

15 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

16 hours ago

सीएम विजय का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में 93 हजार नौकरियां

विजय सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.

17 hours ago

देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं.

18 hours ago

ऋषिकेश में शुरू होगा पहला कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट

यह ऋषिकेश का पहला समर्पित कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट होगा, जिसमें सॉना, आइस बाथ और गर्म पानी के पूल का अनुभव एक क्रमबद्ध थर्मल यात्रा के रूप में दिया जाएगा.

19 hours ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

15 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

15 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

20 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

16 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

16 hours ago