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क्रिप्टोकरेंसी से हो रही टैक्स चोरी पर सख्ती, CBDT ने भेजे हजारों नोटिस
CBDT ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्चुअल डिजिटल असेट्स (VDA) से होने वाली आमदनी को छिपाने या गलत तरीके से दर्शाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हो रही टैक्स चोरी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. बोर्ड ने ऐसे हजारों निवेशकों को ई-मेल नोटिस भेजे हैं, जिन पर वर्चुअल डिजिटल असेट्स (VDA) में लेनदेन से हुई आमदनी को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में छिपाने का संदेह है. ये मामले असेसमेंट ईयर 2023-24 और 2024-25 से संबंधित हैं. चलिए इस मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं
क्या है नियम?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CBDT ने इनकम टैक्स रिटर्न और क्रिप्टो एक्सचेंजों के TDS रिटर्न में हुए मिसमैच के आधार पर इन मामलों की पहचान की गई है. वित्त अधिनियम 2022 के जरिए इनकम टैक्स एक्ट 1961 में जोड़े गए सेक्शन 115BBH के अनुसार, किसी भी वर्चुअल डिजिटल असेट से होने वाली आय पर 30% की दर से टैक्स लगेगा. इसके साथ लागू सरचार्ज और सेस भी जोड़े जाएंगे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की इनकम को किसी अन्य आमदनी से सेट-ऑफ नहीं किया जा सकता और न ही इसे अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने की अनुमति है.
ऐसे पकड़ी गई गड़बड़ी
CBDT के अनुसार कुछ करदाताओं ने ITR के शेड्यूल VDA को फाइल ही नहीं किया, जबकि कुछ ने टैक्स की दर कम दिखाई या लागत पर अनुचित इंडेक्सेशन क्लेम कर लिया. डेटा एनालिटिक्स की मदद से ऐसे डिफॉल्टरों की पहचान की गई है. अब इन मामलों की गहराई से जांच की जा रही है और संबंधित करदाताओं को अपने रिटर्न फिर से जांचने की सलाह दी गई है.
NUDGE अप्रोच से टैक्स नियम पालन पर फोकस
CBDT ने हाल में टैक्स अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए ‘NUDGE अप्रोच’ को अपनाया है. इस नीति के तहत करदाताओं को पहले सूचित किया जाता है और सुधार का मौका दिया जाता है, उसके बाद ही कठोर कार्रवाई की जाती है. पिछले छह महीनों में यह तीसरा NUDGE अभियान है. इससे पहले विदेशी संपत्तियों की जानकारी और 80GGC के तहत गलत डिडक्शन क्लेम के मामलों में भी इसी तरीके से कैंपेन चलाए गए थे.
करदाताओं को दी गई सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने कहा है कि जिन निवेशकों ने क्रिप्टो लेनदेन से होने वाली आय को छिपाया है, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. इस प्रकार की टैक्स चोरी को गंभीर अपराध मानते हुए विभाग जांच को आगे बढ़ा रहा है. करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे पारदर्शिता के साथ अपनी आमदनी घोषित करें और टैक्स कानूनों का पूरी तरह पालन करें.
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