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गढ़चिरोली में इस्पात की क्रांति : CM फडणवीस ने विदर्भ के पहले इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की रखी नींव
गढ़चिरोली में इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की शुरुआत न केवल महाराष्ट्र के औद्योगिक नक्शे को बदलने जा रही है, बल्कि यह विकास और पुनर्वास की एक नई मिसाल भी बनेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विदर्भ के पहले इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की आधारशिला रखकर राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है. यह 4.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाला इस्पात संयंत्र गढ़चिरोली जिले के कोन्सारी गांव में दो चरणों में विकसित किया जाएगा. इस परियोजना का संचालन लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड (LMEL) करेगी और इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास का प्रतीक माना जा रहा है.
ग्राइंडिंग प्लांट और 85 किमी लंबी स्लरी पाइपलाइन का उद्घाटन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हेदरी में 4 MTPA आयरन ओर ग्राइंडिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया, जिसे केवल एक वर्ष में रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया. साथ ही महाराष्ट्र की पहली ऑपरेशनल 10 MTPA स्लरी पाइपलाइन भी शुरू की गई, जो 85 किमी लंबी और 10 मिमी मोटी है. यह पाइपलाइन हेदरी और कोन्सारी को जोड़ती है और सिर्फ 180 दिनों में पूरी की गई. यह परियोजना 55% तक कार्बन फुटप्रिंट कम करेगी और स्टील सेक्टर में लॉजिस्टिक एफिशिएंसी को नया आयाम देगी.
मुख्यमंत्री का विजन
मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि गढ़चिरोली में ऐसे इस्पात के उत्पादन की दिशा में काम हो रहा है जो न केवल उच्च गुणवत्ता का होगा बल्कि चीन से सस्ता भी होगा. यह बयान इस बात को दर्शाता है कि महाराष्ट्र सरकार विदर्भ को सिर्फ राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर ग्रीन स्टील उत्पादन का हब बनाना चाहती है.
नक्सलियों के पुनर्वास के लिए अनूठी पहल
इस परियोजना की सबसे अहम विशेषता यह है कि इसमें सरेंडर कर चुके नक्सलियों को रोजगार देने की योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है. लॉयड्स मेटल्स ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से अब तक 65 पूर्व नक्सलियों को नौकरी दी है, जिनमें से 27 प्रशासनिक विभाग में, 29 सिविल व निर्माण कार्यों में और 9 मैकेनिकल ऑपरेशंस में कार्यरत हैं.
इन सभी को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे उत्पादन कार्यों में प्रभावी ढंग से योगदान दे सकें. यह कदम उन्हें सामाजिक मुख्यधारा में लाने और आत्मसम्मान लौटाने की दिशा में बड़ी पहल है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत
गढ़चिरोली, जो एक समय नक्सली हिंसा के लिए कुख्यात था, अब महाराष्ट्र सरकार की रणनीतिक औद्योगिक और पुनर्वास नीति के तहत ‘ग्रीन इस्पात राजधानी’ बनने की दिशा में अग्रसर है. यह परियोजना दिखाती है कि जब सरकार, निजी क्षेत्र और समाज मिलकर प्रयास करें, तो विकास और शांति एक साथ संभव हैं.यह परियोजना राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में रोजगार, स्थिरता और सामाजिक समावेश का प्रतीक बनकर उभरेगी.
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