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SteamPRO ने ₹3.8 करोड़ की सीड फंडिंग जुटाई, भारत में ‘बाथ-टेक’ कैटेगरी को मुख्यधारा में लाने की तैयारी

कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शुरुआती नेतृत्व स्थापित किया है. स्थापित यूनिट्स के जरिए प्रतिदिन 3,000 से अधिक स्टीम सेशन दर्ज किए जा रहे हैं और हर सप्ताह 100 से अधिक होम सर्वे रिक्वेस्ट मिल रही हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

भारत की पहली बाथ-टेक कंपनी SteamPRO ने ₹3.8 करोड़ की सीड फंडिंग जुटाई है. यह निवेश राउंड Anicut Capital, Zeropearl VC, D2C Insider Super Angels और Atrium Ventures द्वारा सह-नेतृत्व में पूरा किया गया. इसके साथ ही अन्य रणनीतिक एंजेल निवेशकों ने भी भागीदारी की.

कंपनी इस पूंजी का उपयोग इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, राष्ट्रीय स्तर पर सर्विस ऑपरेशंस का विस्तार करने और नए हाइड्रो-वेलनेस उत्पादों की पाइपलाइन विकसित करने में करेगी. इन पहलों का उद्देश्य भारत के तेजी से विकसित हो रहे होम और वेलनेस इकोसिस्टम में बाथ-टेक को एक मुख्यधारा उपभोक्ता श्रेणी के रूप में स्थापित करना है.

होम वेलनेस पर बढ़ता खर्च, बाथ-टेक बना उभरता सेगमेंट

भारत के प्रमुख महानगरों में होम वेलनेस पर खर्च सालाना 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रहा है. यह उपभोक्ता व्यवहार में स्पष्ट बदलाव का संकेत है, जहां घर के भीतर वेलनेस अब सिर्फ आकांक्षा नहीं बल्कि दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन रहा है.

देश का बाथरूम और सैनिटरीवेयर बाजार, जिसकी अनुमानित वैल्यू ₹30,000 करोड़ से अधिक है, लगातार विस्तार कर रहा है. बढ़ती आय, प्रीमियम हाउसिंग की मांग और डिजाइन-आधारित रिनोवेशन ट्रेंड इसके प्रमुख कारण हैं. इसी के बीच बाथ-टेक और हाइड्रो वेलनेस सबसे तेजी से बढ़ने वाले सब-सेगमेंट के रूप में उभर रहे हैं.

शहरी उपभोक्ता स्वच्छ जीवनशैली, समग्र स्वास्थ्य और दीर्घकालिक वेलनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसके चलते प्रीमियम घरों में बाथरूम अपग्रेड शीर्ष रिनोवेशन प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है. हालांकि इस बढ़ती मांग के बावजूद बाथरूम आधुनिक भारतीय घर का सबसे कम विकसित हिस्सा बना हुआ है. SteamPRO का लक्ष्य इसे केवल उपयोगितावादी स्थान से आगे बढ़ाकर दैनिक वेलनेस का केंद्र बनाना है.

स्पा-ग्रेड स्टीम शॉवर सेगमेंट में एंट्री

अपने फ्लैगशिप प्रोडक्ट के जरिए SteamPRO प्रीमियम घरों के लिए स्पा-ग्रेड स्टीम शॉवर पेश कर रही है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि बिना बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव या री-डिजाइन के आसानी से इंस्टॉल किया जा सके.

यह सिस्टम तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है – वाटर जॉय, हाइड्रो वेलनेस और वाटर कॉन्शसनेस. कंपनी के अनुसार प्रत्येक स्टीम सेशन की लागत ₹10 से कम है, इसमें एक लीटर से भी कम पानी और एक यूनिट से कम बिजली की खपत होती है. साथ ही 30 सेकंड से कम समय में स्टीम तैयार हो जाती है, जिससे बार-बार उपयोग संभव है और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी बनी रहती है.

‘डेली शॉवर को बनाना चाहते हैं रीजुवेनेशन का जरिया’

SteamPRO के सह-संस्थापक सुमीर चड्ढा और प्रवीर चड्ढा ने कहा कि आधुनिक जीवन में रोजाना लिया जाने वाला शॉवर पुनरुत्थान का सबसे अनदेखा अवसर है. उनका मानना है कि जहां दुनिया ने जिम और वेयरेबल्स पर अरबों रुपये खर्च किए, वहीं उस निजी स्थान को नजरअंदाज कर दिया गया जहां व्यक्ति स्वयं के साथ सबसे अधिक समय बिताता है.

उन्होंने कहा कि SteamPRO केवल एक उत्पाद नहीं बल्कि ‘वाटर जॉय’ की अवधारणा है, जिसका उद्देश्य दैनिक दिनचर्या को दिन का सबसे सशक्त अनुभव बनाना है. कंपनी बाथरूम को हीलिंग, रिचुअल और वेलनेस का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है.

निवेशकों को दीर्घकालिक ग्रोथ की उम्मीद

निवेशकों ने संयुक्त बयान में कहा कि SteamPRO बाथ-टेक, हाइड्रो वेलनेस और सस्टेनेबल डिजाइन के संगम पर एक नई श्रेणी का निर्माण कर रही है. होम वेलनेस से जुड़े संरचनात्मक ग्रोथ ट्रेंड कंपनी के लिए अनुकूल हैं. इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और फुल-स्टैक डिप्लॉयमेंट मॉडल इसे स्केलेबिलिटी और प्रतिस्पर्धात्मक मजबूती प्रदान करता है.

निवेशकों का मानना है कि शुरुआती उपभोक्ता प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि दैनिक रिचुअल्स अब दीर्घकालिक उपभोक्ता प्लेटफॉर्म में बदल सकते हैं और SteamPRO इस उभरते सेगमेंट में अग्रणी भूमिका निभाने की स्थिति में है.

दिल्ली-एनसीआर में मजबूत पकड़, राष्ट्रीय विस्तार की तैयारी

कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शुरुआती नेतृत्व स्थापित किया है. स्थापित यूनिट्स के जरिए प्रतिदिन 3,000 से अधिक स्टीम सेशन दर्ज किए जा रहे हैं और हर सप्ताह 100 से अधिक होम सर्वे रिक्वेस्ट मिल रही हैं. भारत के प्रमुख महानगरों में मांग तेजी से बढ़ रही है. आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बुटीक होटेल्स और प्रीमियम फिटनेस स्पेसेज के साथ बनता इकोसिस्टम इस ग्रोथ को समर्थन दे रहा है. कंपनी अगले 18 महीनों में अन्य महानगरों और रणनीतिक सेगमेंट्स में विस्तार की योजना बना रही है.


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