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आर्थिक संकट के भंवर में SP Group, पैसा जुटाने के लिए उठा सकता है ये कदम 

बताया जा रहा है कि बढ़ती ब्याज दरों ने SP समूह की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है. समूह ने पहले भी संपत्ति बेचकर फंड जुटाने की कोशिश की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

शापूरजी पलोनजी समूह (SP Group) इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहा है. हाल ही में खबर आई थी कि SP ग्रुप फंड जुटाने के लिए फिर से शेयर गिरवी रखने जा रहा है. ग्रुप को 1.75 अरब डॉलर की जरूरत है और इसके लिए वह टाटा संस की अनलिस्टेड कंपनियों में अपनी शेष आधी हिस्सेदारी को भी गिरवी रख सकता है. Tata Sons में शापूरजी पालोनजी ग्रुप की कुल हिस्सेदारी 18.37 फीसदी है. अब मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि समूह इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है.

कुछ पोर्ट्स भी बेचेगा समूह!
SP Group की इस हिस्सेदारी को बेचकर 2 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना है. इतना ही नहीं, समूह कुछ पोर्ट्स भी बेचने की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि देश के पूर्वी तट पर स्थित 'गोपालपुर पोर्ट' उन प्रॉपर्टीज में शामिल हो सकता है, जिन्हें शापूरजी पलोनजी समूह बेचना चाहता है. वैसे इस बारे में समूह की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. 

इस वजह से बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि बढ़ती ब्याज दरों ने SP समूह की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है. समूह ने पहले भी संपत्ति बेचकर फंड जुटाने की कोशिश की है. पिछले साल SP ग्रुप ने वॉटर प्यूरीफायर इक्विपमेंट मेकर 'यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड' में अपनी अधिकांश हिस्सेदारी बेच दी थी. एडवेंट इंटरनेशनल के साथ यह डील लगभग 4400 करोड़ रुपए में हुई थी. इसके अलावा, शापूरजी पलोनजी समूह ने स्टर्लिंग और विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (SERAL) का सौदा रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ किया था. इस डील से जो पैसा आया था, उससे समूह ने कर्जदाताओं को 1.5 बिलियन डॉलर का भुगतान किया था.

क्या करती है कंपनी?
एक रिपोर्ट के अनुसार, 1865 में स्थापित SP समूह ने पूरे एशिया में कई लग्जरी होटल से लेकर स्टेडियम, महल और कारखानों का निर्माण किया है. इसमें भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की इमारत और मुंबई स्थित ताज महल पैलेस होटल की हेरिटेज टॉवर विंग भी शामिल है. अपनी जिस कंपनी को एसपी समूह बेचने की योजना बना रहा है, वो एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र में सक्रिय है. इसके कई प्रोजेक्ट्स विदेशों में भी चल रहे हैं. एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में 25 से अधिक देशों में इसके प्रोजेक्ट्स हैं.

लगे थे 2 बड़े झटके
SP ग्रुप को पिछले साल दो बड़े झटके लगे थे. पहले शापूर के पिता और SP ग्रुप के संस्थापक पलोनजी मिस्त्री का जून के अंत में 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. इसके बाद शापूर के छोटे भाई साइरस मिस्त्री की सितंबर की शुरुआत में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. हाल ही में खबर आई थी कि शापूरजी पालोनजी ग्रुप Tata Sons में 9.37% हिस्सेदारी के बदले 1.75 अरब डॉलर के फंड जुटाने की तैयारी कर रहा है. ग्रुप इससे पहले 9 प्रतिशत हिस्सेदारी को गिरवी रख चुका है. ग्रुप 3 साल के लिए टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी को गिरवी रख सकता है.

टाटा से है पुराना रिश्ता
SP ग्रुप का टाटा समूह के साथ जुड़ाव 1935 में शुरू हुआ था. ग्रुप की टाटा समूह की कई कंपनियों में हिस्सेदारी है. उसने अलग-अलग कंपनियों में निवेश किया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, समूह की TCS में 13.2 प्रतिशत, टाइटन में 3.8%, टाटा मोटर्स में 8.0%, टाटा स्टील में 6.0%, टाटा कंज्यूमर में 5.4%, टाटा पावर में 8.3 प्रतिशत, Voltas में 4.9%, टाटा कम्युनिकेशन में 2.6%, ट्रेंट में 6.0% और टाटा केमिकल्स में 5.9% हिस्सेदारी है. इसके साथ ही टाटा समूह की अन्य कंपनियों के उसके पास 16,440 शेयर हैं. 


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