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सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो बदल रहे भारत में रिटेल व्यापार का तरीका, जानिए कैसे?
Meta के इस अध्ययन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत में खुदरा व्यापार का भविष्य सोशल मीडिया, वीडियो कंटेंट, मैसेजिंग, और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग जैसे टूल्स से तय होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की खरीदारी के फैसलों को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है. Meta द्वारा GWI के साथ कराए गए एक अध्ययन में यह सामने आया है कि उपभोक्ता अब ऑफलाइन खरीदारी करते समय भी ऑनलाइन अनुभव की तलाश कर रहे हैं. उत्पादों की खोज से लेकर खरीद निर्णय तक प्रभावशाली लोग (Influencers), शॉर्ट वीडियो और मैसेजिंग अब भारतीय रिटेल परिदृश्य को बदल रहे हैं.
सोशल मीडिया बना उत्पाद खोज का मुख्य जरिया
अध्ययन में भारत भर के 16 से 64 वर्ष के 2,548 इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को शामिल किया गया. इसमें सामने आया कि लगभग 8 में से 10 खरीदार नए उत्पादों को सोशल मीडिया के माध्यम से खोजते हैं, जिनमें से 96% खोजें Meta प्लेटफॉर्म्स (Facebook और Instagram) पर होती हैं. यह दिखाता है कि डिजिटल टचपॉइंट, विशेष रूप से सोशल मीडिया, अब पारंपरिक रिटेल डिस्प्ले से अधिक प्रभावशाली हो गए हैं.
वीडियो कंटेंट से बढ़ रही खरीदारी
अध्ययन के अनुसार, 2 से 3 मिनट की वीडियो और Reels ने खरीदारी के व्यवहार पर गहरा असर डाला है. लगभग एक तिहाई दर्शकों ने ब्रांड वीडियो में दिखाए गए उत्पादों को खरीदा. यह चलन विशेष रूप से लक्जरी कैटेगरी में देखा गया है, जहाँ दृश्य कथानक (visual storytelling) उपभोक्ता निर्णय को प्रभावित करता है.
इन्फ्लुएंसर बन रहे हैं रिटेल ग्रोथ के प्रमुख चालक
अध्ययन के मुताबिक, 6 में से 10 खरीदार राष्ट्रीय स्तर के इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करते हैं, और यही इन्फ्लुएंसर्स प्रोडक्ट खोज और खरीद दोनों को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं. चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन स्टोर, इनकी सिफारिशें हर जगह असर डाल रही हैं.
WhatsApp के जरिए भी हो रही बिक्री
Meta के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने भी ग्राहकों की खरीद यात्रा में अहम भूमिका निभाई है. लगभग 60% उपभोक्ताओं ने कहा कि WhatsApp पर ऑफर देखने के बाद वे खरीदारी के लिए प्रेरित हुए, जिससे यह साबित होता है कि बिजनेस मैसेजिंग सीधे बिक्री और स्टोर विजिट को बढ़ावा देती है.
ऑम्नीचैनल विज्ञापन से रिटेल में नई क्रांति
इन उपभोक्ता प्रवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए Meta ने हाल ही में नई ऑम्नीचैनल विज्ञापन क्षमताओं की घोषणा की है. इससे ब्रांड्स को ऑनलाइन एंगेजमेंट और इन-स्टोर बिक्री के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में मदद मिलती है. यह समाधान विज्ञापन अभियानों को वास्तविक परिणामों जैसे स्टोर विज़िट और बिक्री के लिए ऑप्टिमाइज करता है.
भारत में मेटा की ई-कॉमर्स और रिटेल निदेशक मेघना अप्पाराव ने कहा “आज के भारतीय खरीदार सोशल-फर्स्ट, मोबाइल-फर्स्ट और वीडियो-फर्स्ट हैं, चाहे खरीदारी ऑफलाइन हो या ऑनलाइन, चूंकि उपभोक्ता अब प्रोडक्ट्स की खोज और मूल्यांकन के लिए तेजी से रील्स, मैसेजिंग और इन्फ्लुएंसर कंटेंट पर निर्भर हो रहे हैं, ऑफलाइन रिटेलर्स के पास यह अवसर है कि वे एक साथ कई टचपॉइंट्स पर अपने ग्राहकों तक पहुंचें और हमारे प्लेटफॉर्म्स की शक्ति का उपयोग करके ऐसे खास ऑनलाइन और फिजिटल (phygital) अनुभव तैयार करें जो पूरे मार्केटिंग फनल में परिणाम को आगे बढ़ाएं.”
ब्रांड्स की सफलता
Tanishq के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर पेल्की त्शेरिंग ने कहा, "हम हमेशा अपने ग्राहकों से वहीं मिलते हैं, जहाँ वे होते हैं यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर, Meta के Click to WhatsApp जैसे समाधान ने हमें 14 गुना अधिक ऑफलाइन ROAS दिलाया है. ऑम्नीचैनल एड्स से हमें 40% की बढ़ोतरी देखने को मिली है." वहीं, Taneira की मार्केटिंग हेड ऐश्वर्या ओमप्रकाश ने बताया, "Meta के ऑम्नीचैनल विज्ञापन से हमारी पायलट कैंपेन में 3.5 गुना अधिक खरीदारी रूपांतरण और 4.3 गुना अधिक ROAS हासिल हुआ. यह रणनीति हमें आगे भी अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है."
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