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बाजार में सुस्त शुरुआत के संकेत, क्रूड 114 डॉलर के पार; जियो, आज इन शेयरों पर नजर
बुधवार को सेंसेक्स 352.64 अंक गिरकर 73,246.03 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 में 50.90 अंकों की गिरावट आई और यह 22,698.85 पर बंद हुआ.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर को कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. बुधवार को सेंसेक्स 352.64 अंक गिरकर 73,246.03 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 में 50.90 अंकों की गिरावट आई और यह 22,698.85 पर बंद हुआ. वहीं, आज गिफ्ट निफ्टी करीब 22,730 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिससे बाजार के सपाट से कमजोर खुलने की आशंका है. कच्चे तेल की कीमतों में ऊपरी स्तरों से नरमी आई है, लेकिन ब्रेंट क्रूड अब भी 114 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75-4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा है.
वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के बीच निवेशकों की नजर आज जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, वेदांता, टीवीएस मोटर और JSW एनर्जी समेत कई शेयरों पर रहेगी. इसके अलावा कई बड़ी कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेंगी, जिनसे बाजार को आगे की दिशा के संकेत मिल सकते हैं.
अमेरिकी फेड के फैसले से बाजार को मिले मिले-जुले संकेत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अक्टूबर की मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. हालांकि, दो सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया, जिससे दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है. इस घटनाक्रम के बीच पिछले सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली, जबकि अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर करीब 5.02 फीसदी पर पहुंच गई.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों के बजाय अमेरिकी बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे सकते हैं. इससे भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश का प्रवाह प्रभावित होने की आशंका है. वहीं, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों, आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व के अगले कदमों को लेकर मिलने वाले संकेतों पर रहेगी.
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनीं चिंता
कच्चे तेल की कीमतें भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम चिंता बनी हुई हैं. ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि WTI क्रूड का भाव करीब 102 डॉलर प्रति बैरल है. तेल की कीमतें ऊंची रहने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव में कमी के स्पष्ट संकेत नहीं मिलने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
एशियाई बाजारों में तेजी
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले. जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.5 फीसदी से अधिक चढ़े. हालांकि, एशियाई बाजारों की तेजी के बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव भारतीय बाजार में बड़ी तेजी की राह में बाधा बन सकते हैं.
इन शेयरों पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि, गुरुवार को जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, वेदांता, टीवीएस मोटर, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स और JSW एनर्जी के शेयरों में हलचल रह सकती है. जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी. बजाज ऑटो की सितंबर तिमाही में आय 34 फीसदी और समायोजित मुनाफा 35 फीसदी बढ़ा है, जबकि हीरो मोटोकॉर्प का मुनाफा 4.6 फीसदी बढ़कर 1,456 करोड़ रुपये रहा. वेदांता का मुनाफा 78 फीसदी बढ़कर 6,202 करोड़ रुपये और टीवीएस मोटर का कंसोलिडेटेड मुनाफा 52 फीसदी बढ़कर 1,377 करोड़ रुपये पहुंच गया. टीटागढ़ रेल सिस्टम्स को रेल मंत्रालय से 1,717 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑर्डर मिला है, जबकि JSW एनर्जी का मुनाफा 50 फीसदी बढ़कर 1,056 करोड़ रुपये रहा.
इसके अलावा बंधन बैंक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और फोर्टिस हेल्थकेयर से जुड़ी खबरें भी शेयरों को प्रभावित कर सकती हैं. बंधन बैंक का सितंबर तिमाही का मुनाफा बढ़कर 622 करोड़ रुपये रहा. वहीं, अमेरिकी दवा नियामक USFDA ने डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज की एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जांच को औपचारिक रूप से बंद कर दिया है. फोर्टिस हेल्थकेयर ने बेंगलुरु के सुगुना हॉस्पिटल का करीब 277 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया है.
आज इन कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे
गुरुवार को एशियन पेंट्स, कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, अंबुजा सीमेंट्स, ट्रेंट, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, सुजलॉन एनर्जी और लॉरस लैब्स समेत कई कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी. निवेशकों की नजर इन कंपनियों की बिक्री, मुनाफे, मार्जिन और प्रबंधन के कारोबारी अनुमानों पर रहेगी. इन नतीजों से संबंधित शेयरों में कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिल सकती है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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