होम / बिजनेस / Google को झटका, इस कंपनी ने ठुकराया अधिग्रहण का प्रस्ताव, सामने आई ये वजह
Google को झटका, इस कंपनी ने ठुकराया अधिग्रहण का प्रस्ताव, सामने आई ये वजह
टेकओवर की बातचीत से पहले ही Wiz अपने खुद के अधिग्रहणों के साथ तेजी से अपने पैर पसार रही है और IPO लाने की प्लानिंग में जुटी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, विज (Wiz) ने गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet की टेकओवर बोली को ठुकरा दिया है. यह डील 23 अरब डॉलर (लगभग 1,922 अरब रुपये) की थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Wiz के सह-संस्थापक असफ रैपापोर्ट ने डील को लेकर कहा कि ऐसे प्रपोजल को ना कहना कठिन है. सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने संभावित डील को छोड़ने के कारणों के रूप में अविश्वास और निवेशक चिंताओं को गिनाया है. अब कंपनी का फोकस आईपीओ और राजस्व बढ़ाने पर है.
Wiz के सह-संस्थापक ने क्या कहा?
Wiz का डील कैंसिल करने का फैसला गूगल के लिए झटका होगा. क्योंकि कंपनी अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है और क्लाउड बिजनेस के लिए क्लाइंट लाने पर फोकस कर रही है. इसने पिछले साल 33 बिलियन डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू दर्ज किया था. रैपापोर्ट ने इस बारे में कहा कि मैं सीधे मुद्दे पर आता हूं. कंपनी का अगला माइलस्टोन एनुअल रिकारिंग रेवेन्यू 1 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के अलावा एक आईपीओ लॉन्च करना है.
IPO लाने की प्लानिंग में Wiz
न्यूयॉर्क स्थित कंपनी Wiz अमेजन वेब सर्विसेज और माइक्रोसॉफ्ट एज्योर जैसे क्लाउड स्टोरेज प्रोवाइडर्स से जुड़कर सिक्योरिटी रिस्क के लिए स्टोर्ड डेटा को स्कैन करती है. इस कंपनी की स्थापना 2020 में हुई थी. कंपनी ने दुनिया भर का ध्यान तब आकर्षित किया, जब Google की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने दो महीने पहले ही इसे इसकी वैल्यूएशन से लगभग दोगुना वैल्यू पर खरीदने के लिए बातचीत की थी. टेकओवर की बातचीत से पहले ही Wiz अपने खुद के अधिग्रहणों के साथ तेजी से अपने पैर पसार रही है और IPO लाने की प्लानिंग में जुटी हुई है.
को-फाउंडर रैपापोर्ट ने कहा कि इस न्यूज के बाद हमें जो मार्केट वेलिडेशन मिली है, उससे हमारा लक्ष्य और मजबूत हुआ है. हमें एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो सिक्योरिटी और डेवलपमेंट दोनों टीमों को पसंद आए. इस कंपनी की वैल्यूएशन मई के फंडिंग राउंड के दौरान 12 बिलियन डॉलर आंकी गई थी, जिसमें आंद्रेसेन होरोविट्ज़, लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स और थ्राइव कैपिटल जैसे निवेशक शामिल थे.
Google की कई कंपनियों से डील
बता दें कि Google ने 2022 में 5.4 बिलियन डॉलर में साइबर सुरक्षा कंपनी मैंडिएंट का अधिग्रहण किया. Google का सबसे बड़ा सौदा 2012 में 12.5 बिलियन डॉलर में हार्डवेयर निर्माता मोटोरोला का अधिग्रहण है. कंपनी ने 2014 में उस खरीद से प्राप्त परिसंपत्तियों को $2.9 बिलियन में लेनोवो को बेच दिया. Google ने हाल ही में बिक्री सॉफ्टवेयर निर्माता हबस्पॉट का अधिग्रहण करने के लिए बातचीत समाप्त की.
टैग्स