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शहान सूद ने साढ़े तीन साल बाद JAFCO Asia को छोड़ा, बिजनेस एडवाइजरी पर करेंगे ध्यान केंद्रित

शहान ने कहा कि मुनाफे में चल रहे स्टार्ट-अप्स के लिए वेंचर कैपिटल जुटाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि उन्हें निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप अपने मौजूदा परिचालन ढांचे में बदलाव करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

शहान सूद ने JAFCO Asia में साढ़े तीन साल काम करने के बाद अपनी भूमिका छोड़ दी है. इस दौरान उन्होंने जापानी वेंचर कैपिटल फर्म की भारत में उपस्थिति स्थापित करने में मदद की. वह जुलाई 2022 में भारत में फर्म के पहले कर्मचारी और इसकी वैश्विक निवेश टीम के पांचवें सदस्य के रूप में शामिल हुए थे.

अपने कार्यकाल के दौरान सूद ने निवेश के अवसर तलाशने, उचित जांच-पड़ताल, नियुक्तियों, टीम निर्माण, समुदाय के साथ जुड़ाव, विचार नेतृत्व और सीमित भागीदारों के साथ संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने भारत में JAFCO Asia का ब्रांड स्थापित करने और भारत तथा जापान के बीच निवेश संबंधों को मजबूत करने में भूमिका निभाई.

फर्म छोड़ने के बाद सूद तीन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं: कॉरपोरेट कंपनियों के लिए बिजनेस डेवलपमेंट, फैमिली ऑफिस के लिए एडवाइजरी और मुनाफे में चल रहे स्टार्ट-अप्स को परिचालन संबंधी सहायता.

कॉरपोरेट क्षेत्र में वह विभिन्न सेक्टरों में बिजनेस डेवलपमेंट के जरिए कंपनियों के लिए राजस्व बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. फिलहाल वह रक्षा और इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (EPC) क्षेत्र की उन कंपनियों को सहयोग दे रहे हैं, जिनके पास करीब 4,100 करोड़ रुपये के सक्रिय ऑर्डर हैं.

भारत में फैमिली ऑफिस का इकोसिस्टम विकसित होने के साथ सूद चुनिंदा फैमिली ऑफिस के साथ भी काम कर रहे हैं. उन्होंने करीब 100 फैमिली ऑफिस के साथ बातचीत की है, ताकि उनकी निवेश प्राथमिकताओं, सीधे निवेश में रुचि और फंड ऑफ फंड्स में निवेश को लेकर बदलती दिलचस्पी को समझा जा सके. वह चुनिंदा फैमिली ऑफिस को बिना किसी शुल्क के सलाह दे रहे हैं.

उनका तीसरा प्रमुख क्षेत्र मुनाफे में चल रहे स्टार्ट-अप्स को अपने परिचालन को मजबूत करने और फंड जुटाने तथा संभावित शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी में मदद करना है. वेंचर कैपिटल, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और ट्रेंड एनालिसिस के अपने अनुभव के आधार पर सूद संस्थापकों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि वे अपने कारोबारी ढांचे को सुव्यवस्थित कर सकें और निवेशकों के लिए बेहतर तैयारी कर सकें.

उन्होंने कहा कि मुनाफे में चल रहे स्टार्ट-अप्स के लिए वेंचर कैपिटल जुटाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि उन्हें निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप अपने मौजूदा परिचालन ढांचे में बदलाव करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उनकी एडवाइजरी का उद्देश्य ऐसे कारोबारों को वेंचर कैपिटल फंडिंग और शेयर बाजार में लिस्टिंग, दोनों के लिए तैयार करने में मदद करना है.

सूद का यह कदम JAFCO Asia में उनके दूसरे वर्ष के चुनौतीपूर्ण रहने के बाद आया है, जिसे उन्होंने सीखने का एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर में किसी निवेशक के चरित्र की परीक्षा होती है और पेशेवर रूप से बाहर निकलना भी किसी व्यक्ति की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पैमाना है.

फर्म के नए नाम JIF Capital में बदलाव के दौरान सूद ने भारत में निवेश की जिम्मेदारी सुप्रिया को सौंप दी है. सूद ने कहा कि वह उचित समय पर अपने अगले कदमों के बारे में और जानकारी साझा करेंगे


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