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1 अप्रैल 2026 से बदले कई बड़े नियम: ATM लिमिट, F&O ट्रेडिंग और टैक्स में बदलाव का सीधा असर आपकी जेब पर
आज यानी 1 अप्रैल से लागू ये बदलाव निवेश, बैंकिंग और खर्च के तरीकों को प्रभावित करेंगे. जहां कुछ फैसले निवेशकों के लिए लागत बढ़ाने वाले हैं, वहीं कुछ बदलाव आम लोगों को राहत भी देते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल से बैंकिंग, टैक्स और शेयर बाजार से जुड़े कई अहम नियम बदल गए हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों, निवेशकों और ट्रैवल करने वालों पर पड़ेगा. ATM से कैश निकालने की लिमिट से लेकर F&O ट्रेडिंग और विदेश में पैसे भेजने तक, कई अहम बदलाव लागू हो चुके हैं.
शेयर बायबैक पर बदला टैक्स नियम
अब कंपनियों द्वारा अपने शेयर वापस खरीदने यानी बायबैक पर टैक्स का तरीका पूरी तरह बदल गया है. पहले इसे डिविडेंड इनकम माना जाता था, लेकिन अब इसे कैपिटल गेन्स के रूप में टैक्स किया जाएगा. कंपनियों को इस पर 22% टैक्स देना होगा, जबकि व्यक्तिगत या HUF प्रमोटर्स के लिए यह दर 30% तय की गई है.
F&O ट्रेडिंग हुई महंगी
डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग करने वालों के लिए अब लागत बढ़ गई है. फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है. वहीं ऑप्शंस पर यह 0.125% से बढ़कर 0.15% हो गया है. सरकार का उद्देश्य इस सेगमेंट में बढ़ती सट्टेबाजी को कम करना और छोटे निवेशकों को जोखिम से बचाना है.
विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर राहत (LRS)
विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज के लिए पैसे भेजने वालों को राहत मिली है. लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत अब TCS दरों में कटौती की गई है. विदेशी टूर पैकेज पर TCS 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है. वहीं मेडिकल और एजुकेशन खर्च के लिए भेजी जाने वाली राशि पर TCS अब 2% ही लगेगा, जो पहले 5% था.
बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियमों के मुताबिक अब सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य होगा. इसके अलावा RuPay Platinum डेबिट कार्ड धारकों को अब एयरपोर्ट और रेलवे लाउंज की मुफ्त सुविधा नहीं मिलेगी. साथ ही HDFC Bank, Punjab National Bank और Bandhan Bank समेत कई बैंकों ने ATM से कैश निकालने की लिमिट, फीस और नियमों में बदलाव किए हैं.
NPS निवेशकों के लिए नया सिस्टम लागू
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव हुआ है. Pension Fund Regulatory and Development Authority ने फीस और NAV कैलकुलेशन के तरीके को अपडेट किया है. अब एक ही स्कीम में सरकारी और प्राइवेट निवेशकों के लिए अलग-अलग NAV देखने को मिल सकता है.
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