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बढ़ते F&O ट्रेड पर SEBI की चेतावनी, अर्थव्यवस्था पर डालने लगा है असर, जानिए कैसे?
बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच से लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तक फ्यूचर एंड ऑप्शंस में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी पर चिंता जाहिर की चुकी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
डेरिवेटिव सेगमेंट यानी फ्यूचर एंड ऑप्शंस के प्रति लोगों के बीच बढ़ते आकर्षण से बाजार नियामक सेबी की चिंताएं बढ़ी हुई हैं. नियामक की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने एक बार फिर से इसके बढ़ते ट्रेंड पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अब यह व्यापक मुद्दा बन गया है और अब इसकी समीक्षा करने की जरूरत है और इसके साथ ही चेतावनी भी जारी कर दी है.
अर्थव्यवस्था के स्तर का मुद्दा बना ये ट्रेड
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने कहा कि वायदा और विकल्प (F&O) सेगमेंट में बढ़ता ट्रेड एक व्यापक मुद्दा बन गया है और अब अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा- पहले यह एक इन्वेस्टर के स्तर का छोटा मसला (माइक्रो इश्यू) था, लेकिन अब अर्थव्यवस्था के स्तर का बड़ा मसला (मैक्रो इश्यू) बन गया है. यही कारण है कि हम समीक्षा करने के लिए बाध्य महसूस कर रहे हैं.
10 में 9 सौदों में नुकसान
सेबी चेयरपर्सन बुच का कहना है कि घरेलू बचत सट्टेबाजी में जा रही है और युवा ऐसे कारोबार में ढेर सारा पैसा खो रहे हैं. इससे घरेलू बचत का इस्तेमाल पूंजी निर्माण के लिए नहीं हो पा रहा है. बुच के मुताबिक, बढ़ता F&O ट्रेड निवेशकों के एक छोटे से मुद्दे से अर्थव्यवस्था के एक व्यापक मुद्दे में बदल गया है. सेबी की एक रिसर्च के मुताबिक, निवेशक F&O सेगमेंट में 10 में 9 सौदों में नुकसान उठाते हैं. जोखिम का खुलासा करने पर जोर देने से शुरू करते हुए, सेबी हाल ही में इस क्षेत्र से निवेशकों को दूर रखने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है.
युवा उठा रहे हैं सबसे ज्यादा नुकसान
बकौल सेबी प्रमुख, फ्यूचर एंड ऑप्शंस सेगमेंट पूरी तरह से स्पेकुलेशन पर आधारित है. लोगों को जिस पैसे का इस्तेमाल पूंजी बनाने के लिए करना चाहिए, वह स्पेकुलेशन पर आधारित फ्यूचर एंड ऑप्शंस में घुस रहा है. युवा इस तरह के ट्रेड में भारी स्तर पर पैसे डूबा रहे हैं. उन्होंने इस बात के साफ संकेत दिए कि आने वाले दिनों में सेबी ऐसे ट्रेड से निवेशकों को दूर करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकता है.
वित्त मंत्री भी जता चुकी हैं चिंता
सेबी इससे पहले भी कई बार फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर चिंता जाहिर कर चुका है. बाजार नियामक एफएंडओ सेगमेंट के प्रति आकर्षण को कम करने के लिए समय-समय पर विभिन्न उपाय भी करते रहता है. अभी तक सेबी के प्रयास मुख्य रूप से निवेशकों को जागरूक व शिक्षित बनाकर सतर्क करने का रहा है. फ्यूचर एंड ऑप्शंस में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी चिंता जाहिर कर चुकी हैं.
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