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Vishal Mega Mart के आईपीओ पर SEBI का ब्रेक, कंपनी के लिए कितना बड़ा है ये झटका?

विशाल मेगा मार्ट की योजना आईपीओ के जरिए 8200 करोड़ रुपए जुटाने की थी. कंपनी इस रकम का इस्तेमाल विस्तार के लिए करती.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

सुपरमार्केट चेन विशाल मेगा मार्ट (Vishal Mega Mart) को बाजार नियामक सेबी से बड़ा झटका लगा है. कंपनी की आईपीओ यानी इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग लाने की योजना पर फिलहाल सेबी ने फुल स्टॉप लगा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेबी ने चार कंपनियों के आईपीओ दस्तावेज लौटा दिए हैं और इसमें विशाल मेगा मार्ट का नाम भी शामिल है. विशाल मेगा मार्ट 8200 करोड़ रुपए जुटाने के इरादे से आईपीओ लाने की तैयारी में थी. 

सेबी ने वजह भी बताई
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड  ने विशाल मेगा मार्ट के साथ ही जिन अन्य कंपनियों के आईपीओ दस्तावेज लौटाए हैं, उनमें अवांसे फाइनेंशियल सर्विसेज, साई लाइफ साइंसेज और बीएमडब्ल्यू वेंचर्स शामिल हैं. सेबी का कहना है कि आईसीडीआर विनियमन, 2018 के नियम 7(1) (A) का अनुपालन न करने के चलते उसने यह कदम उठाया है.  नियम 7(1) (A) के अनुसार, आईपीओ लाने वाली कंपनी को यह सुनिश्चित करना होता है कि उसने ऐसे शेयर बाजारों पर अपनी प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी हासिल करने के लिए एक या अधिक शेयर बाजारों में आवेदन किया है और उनमें से एक को नामित शेयर बाजार के रूप में चुना है. विशाल मेगा मार्ट ने 12 जुलाई को बाजार नियामक के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा करने के लिए गोपनीय फाइलिंग का रास्ता अपनाया था.

अब आगे क्या होगा? 
सेबी की इस कार्रवाई के बाद फिलहाल इन कंपनियों के आईपीओ नहीं आएंगे. हालांकि, विशाल मेगा मार्ट सहित सभी चारों कंपनियों के पास कुछ समय बाद दोबारा दस्तावेज दाखिल करने का विकल्प खुला रहेगा. माना जा रहा था कि आईपीओ के तहत स्विट्जरलैंड का पार्टनर्स ग्रुप और भारत का Kedaara Capital विशाल मेगा मार्ट में अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. इन दोनों के पास विशाल मेगा मार्ट में बहुमत की हिस्सेदारी है. पार्टनर्स ग्रुप और Kedaara ने 2018 में TPG Capital से विशाल मेगा मार्ट में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी. विशाल मेगा मार्ट बाजार से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल नए स्टोर खोलने के लिए करने वाली थी.

तुरंत फंड नहीं मिलेगा
सेबी के आईपीओ दस्तावेज लौटने को विशाल मेगा मार्ट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उसे अब कारोबार विस्तार की योजना के लिए तुरंत फंड नहीं मिल पाएगा. विशाल मेगा मार्ट फैशन से लेकर रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी बेचती है. कंपनी की बिक्री का आधा हिस्सा कपड़ों से आता है. बता दें कि भारत का रिटेल मार्केट 840 अरब डॉलर का है और 2033 तक इसके 2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. यही वजह है कि ई-कॉमर्स प्लेटफार्म अमेजन से लेकर रिलायंस, TATA ग्रुप और एवेन्यू सुपरमार्ट्स ज्यादा से ज्यादा मार्केट कब्जाने की कोशिश में लगे हैं. एवेन्यू सुपरमार्ट्स Dmart नाम से सुपरमार्केट चेन चलाता है.

DMart से है मुकाबला
विशाल मेगा मार्ट के इस समय देश में 550 से ज्यादा स्टोर्स हैं. कंपनी का सीधा मुकाबला राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani) के Dmart के साथ है. फिलहाल, डीमार्ट के देश में 365 स्टोर्स हैं. राधाकिशन दमानी ने नवी मुंबई में सस्ती जमीन खरीदकर साल 2002 में पहला डीमार्ट स्टोर खोला था और आज इसके 300 से ज्यादा स्टोर्स हैं. डीमार्ट स्टोर्स को एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड ऑपरेट करती है. दमानी DMart स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर 1500 करना चाहते हैं. इस हिसाब से कंपनी की योजना अगले कुछ समय में 1216 नए स्टोर्स खोलने की है. इस साल कंपनी कई नए स्टोर्स खोल सकती है. ऐसे में कड़े मुकाबले के लिए विशाल मेगा मार्ट को भी अपने स्टोर्स बढ़ाने होंगे. कंपनी आईपीओ से मिलने वाले पैसों से यही करने वाली थी.


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