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F&O ट्रेडिंग में बड़े बदलाव की तैयारी SEBI, जारी किया प्रस्ताव, क्या होगा बदलाव?
सेबी ने जारी एक कंसल्टेशन पेपर में सुझाव दिया कि किसी भी एक्सचेंज पर सभी इक्विटी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी केवल मंगलवार या गुरुवार को होगी
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
SEBI ने शेयर बाजार में डेरिवेटिव्स (F&O) से जुड़े में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है. इसके मुताबिक, एक्सपायरी के लिए एक समान नियम होंगे. इस कदम का मकसद बाजार में स्थिरता बनाए रखना, निवेशकों की सुरक्षा तय करना और एक्सपायरी के दिन बढ़ती ट्रेडिंग वॉल्यूम से जुड़े जोखिमों को कम करना है. SEBI ने एक कंसल्टेंट पेपर में सुझाव दिया कि किसी भी एक्सचेंज पर इक्विटी डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी सिर्फ मंगलवार या गुरुवार को होनी चाहिए. इससे ट्रेडिंग अस्थिरता को काबू करने और एक्सपायरी दिनों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिलेगी.
बढ़ते ट्रेडिंग वॉल्यूम से चिंतित SEBI
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब एक्सपायरी के दिन इंडेक्स ऑप्शंस (Index Options) की ट्रेडिंग में भारी वृद्धि देखी गई है. इससे बाजार की स्थिरता और निवेशकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही थी. इससे पहले, अक्टूबर 2024 में SEBI ने एक सर्कुलर जारी कर एक्सपायरी से जुड़ी अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. SEBI ने नए प्रस्ताव पर जनता से भी राय मांगी है. सभी स्टेकहोल्डर्स को 17 अप्रैल 2025 तक अपने सुझाव भेज सकेंगे.
नए प्रस्ताव में शामिल प्रमुख नियम
1. सप्ताह में सिर्फ एक दिन एक्सपायरीः प्रत्येक एक्सचेंज को सिर्फ एक साप्ताहिक बेंचमार्क इंडेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा. इसकी एक्सपायरी मंगलवार या गुरुवार को होगी, जिसे एक्सचेंज खुद चुन सकेंगे.
2. महीने के अंत में तय एक्सपायरीः स्टॉक फ्यूचर्स, इंडेक्स फ्यूचर्स और अन्य नॉन-बेंचमार्क इंडेक्स ऑप्शंस की न्यूनतम अवधि एक महीना होगी. इनकी एक्सपायरी हर महीने के अंतिम मंगलवार या गुरुवार को होगी.
3. बिना मंजूरी बदलाव नहीं: कोई भी एक्सचेंज बिना SEBI की पूर्व अनुमति के कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी या सेटलमेंट डेट में बदलाव नहीं कर सकेगा.
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