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T+1 के बाद अब T+0 की तैयारी में जुटा है SEBI, जानें आखिर क्या है ये
सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने बताया है कि सेबी तुरंत सेटलमेंट की योजना पर काम कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
यदि आप शेयर बाजार (Stock Market) में इन्वेस्ट करते हैं, तो जानते होंगे कि किसी स्टॉक को बेचने के एक दिन बाद पैसा आपके खाते में ट्रांसफर होता है. इस व्यवस्था को T+1 कहते हैं. यानी ट्रेडिंग डे + 1 दिन. लेकिन आने वाले समय में यह व्यवस्था बदलकर T+0 हो सकती है. कहने का मतलब है कि आपके शेयर बेचते ही पैसा तुरंत आपके खाते में आ जाएगा. दरअसल, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ट्रेड्स के तुरंत निपटारे की योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत ट्रेडिंग के तुरंत बाद पैसा संबंधित व्यक्ति के डीमैट खाते में पहुंच जाएगा.
पहले 2 दिन की थी व्यवस्था
सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) स्टॉक एक्सचेंज पर तुरंत निपटान की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है. जिसके अंतर्गत शेयर बेचने के तुरंत बाद आपके खाते में पैसे आ जाएंगे. इसमें एक दिन का भी वक्त नहीं लगेगा. मौजूदा व्यवस्था के तहत इस प्रक्रिया में एक दिन का समय लगता है. इससे पहले, पैसा क्रेडिट होने में 2 दिन लगते थे. पुरी ने कहा कि निकट भविष्य में, हमारे पास एक ऐसा तंत्र होगा जो स्टॉक एक्सचेंज पर तत्काल निपटान की सुविधा प्रदान करेगा.
कई देशों में अब भी T+2
बुच ने कहा कि सेबी ने पहले से ही निपटान की समयसीमा को घटाकर एक दिन कर दिया है और अब इसे तुरंत करने की तैयारी चल रही है. सेबी प्रमुख ने कहा कि भारत पहली इकोनॉमी है, जिसने अपने सभी शेयरों के लिए T+1 व्यवस्था को लागू कर दिया है. जबकि दुनिया के ज्यादातर मार्केट T+2 व्यवस्था पर काम करते हैं. T-1 लागू करने से निवेशकों के लिए सिस्टम में लगभग 10,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त रकम फ्री करने में मदद मिली है. बता दें कि SEBI ने T+1 सिस्टम को कुछ वक्त पहले ही लागू किया था.
क्या होगा इससे फायदा?
मौजूदा व्यवस्था के तहत यदि आप कोई शेयर बेचते हैं, तो उसका पैसा आपके डीमैट अकाउंट में 24 घंटे बाद क्रेडिट होता है. लेकिन यदि T+0 सिस्टम लागू होता है, तो पैसा तुरंत ही मिल जाएगा. आपको इसके लिए 24 घंटे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इससे मार्केट में अधिक मात्रा में नकदी उपलब्ध हो सकेगी, जिससे निवेशक ज्यादा मात्रा में खरीद-बिक्री कर पाएंगे. हालांकि, माधवी पुरी बुच ने यह नहीं बताया है कि ऐसा कब तक हो सकता है. उन्होंने कहा है कि SEBI इस दिशा में काम कर रहा है.
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