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SEBI ने 30 दिनों से अधिक निष्क्रिय ब्रोकरेज खातों के लिए सेटलमेंट नियमों को बनाया आसान

मौजूदा नियमों के मुताबिक, क्लाइंट्स के ऐसे खाते जहां पिछले 30 दिनों से कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, उनमें तीन दिनों के भीतर ट्रेडिंग मेंबर द्वारा सेटल किया जाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट में लंबे समय से पैसा पड़ा है, तो यह आसानी से मिल जाएगा. इंडियन कैपिटल मार्केट रेगुलेटर बॉडी ‘सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया’ (SEBI) ने उन निवेशकों के लिए नियमों में बदलाव किया है जिनके ट्रेडिंग अकाउंट में पिछले 30 दिनों से कोई लेन-देन नहीं हुई है. अब इन अकाउंट में पैसे फंसे नहीं रहेंगे, और उनका निपटारा पहले से कहीं आसान हो जाएगा.

SEBI का नया नियम

SEBI ने सोमवार को ऐलान किया कि अब स्टॉक ब्रोकर्स को उन खातों के पैसे हर दिन चेक करके सेटल करने की जरूरत नहीं है, जिनमें पिछले 30 दिनों से कोई ट्रेडिंग नहीं हुई है. पहले ब्रोकर्स को इन अकाउंट को हर तीन दिन में सेटल करना पड़ता था, लेकिन अब यह नियम बदल दिया गया है. अब ऐसे अकाउंट में जमा पैसे हर महीने की रनिंग अकाउंट सेटलमेंट साइकिल के दौरान निपटाए जाएंगे. यह साइकिल स्टॉक एक्सचेंज में पहले ही तय की जाती है और हर साल के कैलेंडर में पब्लिश की जाती है. इससे निवेशकों को अपने पैसे के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

यह बदलाव क्यों किया गया?

SEBI ने यह कदम निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया है. इसका मकसद न केवल ट्रेडिंग को आसान बनाना है, बल्कि निवेशकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही ब्रोकर्स को रोजाना के सेटलमेंट से भी राहत मिलेगी, जिससे उनके काम में भी एफिशियंसी आएगी.

निवेशक फिर से ट्रेडिंग शुरू करें तो?

अगर कोई निवेशक 30 दिनों के बाद, लेकिन अगली मंथली सेटलमेंट डेट से पहले फिर से ट्रेडिंग शुरू करता है, तो इस कंडीशन में ब्रोकर को पैसे का सेटलमेंट क्वार्टरली या मंथली रनिंग अकाउंट सेटलमेंट के अनुसार करना होगा, जैसा भी निवेशक ने पहले से चुना है. SEBI ने स्टॉक एक्सचेंजों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने नियमों में इस बदलाव को शामिल करें और उसे पूरी तरह से पब्लिक करें, ताकि सभी निवेशक और ब्रोकर्स को इसका पता चल जाए.
 


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