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SEBI ने म्यूचुअल फंड नियमों में किया बदलाव, अब तय समय सीमा में करना होगा NFO के पैसे का निवेश
SEBI द्वारा किए गए इन बदलावों का उद्देश्य निवेशकों को ज्यादा सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करना है, जिससे वे बेहतर तरीके से अपने निवेश निर्णय ले सकें.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय प्रतिभूति विनियम बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किया है. इसके तहत असेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) को नए फंड ऑफर (NFO) से जुटाए गए पैसे को अब एक तय समय सीमा के अंदर निवेश करना होगा. साथ ही, SEBI ने यह भी सुनिश्चित किया है कि म्यूचुअल फंड स्कीम्स के स्ट्रेस टेस्टिंग के परिणामों की जानकारी निवेशकों को दी जाए. ये बदलाव 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगे और इसका उद्देश्य म्यूचुअल फंड्स के संचालन में लचीलापन लाना तथा निवेशकों के बीच पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाना है.
NFO के पैसे का निवेश तय समय सीमा में करना होगा
14 फरवरी को SEBI द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि अगर असेट मैनेजमेंट कंपनियां नए फंड ऑफर (NFO) से पैसे जुटाती हैं, तो उन्हें वह धन 30 दिनों के अंदर तय निवेश योजनाओं के तहत निवेश करना होगा. SEBI ने यह निर्देश देने के पीछे यह उद्देश्य रखा है कि निवेशकों का पैसा समय पर सही तरीके से निवेश हो और इसका उपयोग ज्यादा समय तक न रोका जाए. इससे पहले दिसंबर 2024 में SEBI बोर्ड द्वारा इस बदलाव को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद से यह निर्णय लागू किया गया है.
निवेशकों को मिलेगा ये विकल्प
अगर तय समय सीमा के अंदर म्यूचुअल फंड के द्वारा जुटाए गए पैसों का निवेश नहीं किया जाता है, तो निवेशकों को बिना किसी एग्जिट लोड के स्कीम से बाहर निकलने का अधिकार मिलेगा. SEBI के इस कदम से म्यूचुअल फंड कंपनियों को NFO के दौरान ज्यादा पैसा इकट्ठा करने से रोका जा सकेगा, क्योंकि निवेशक बाद में मौजूदा नेट असेट वैल्यू (NAV) पर ओपन-एंडेड स्कीम्स में निवेश कर सकते हैं. इससे निवेशकों को अपनी निवेश योजना में ज्यादा लचीलापन मिलेगा और उन्हें बेहतर विकल्प मिलेगा.
कर्मचारियों के लिए नया निर्देश
इसके साथ ही, SEBI ने म्यूचुअल फंड कंपनियों के कर्मचारियों के लिए भी एक नया निर्देश जारी किया है. इसके तहत, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के कर्मचारियों के वेतन का एक प्रतिशत म्यूचुअल फंड स्कीम की यूनिट में निवेश किया जाएगा. यह निवेश कर्मचारियों के पद और भूमिका के आधार पर किया जाएगा, ताकि उन्हें फंड्स के प्रदर्शन में भी हिस्सा मिल सके और उनकी सहभागिता बढ़े.
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