होम / बिजनेस / SBI और Muthoot Microfin के बीच साझेदारी, को-लेंडिंग पार्टनरशिप के तहत करेंगे लोन का वितरण
SBI और Muthoot Microfin के बीच साझेदारी, को-लेंडिंग पार्टनरशिप के तहत करेंगे लोन का वितरण
एसबीआई, जो देश का सबसे बड़ा बैंक है, ने इस साझेदारी के तहत ₹500 करोड़ की सीमा मंजूर की है, यह रकम ₹100 करोड़ के हिस्सों में दी जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
माइक्रोफाइनेंस कंपनी Muthoot Microfin ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ साझेदारी में लोन देना शुरू किया है. एसबीआई, जो देश का सबसे बड़ा बैंक है, ने इस साझेदारी के तहत ₹500 करोड़ की सीमा मंजूर की है. यह रकम ₹100 करोड़ के हिस्सों में दी जाएगी. ₹50,000 से ₹3 लाख तक के लोन चुने गए और योग्य ग्राहकों को दिए जाएंगे. इनमें खास ध्यान उन ग्राहकों पर होगा जो ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप्स (JLGs) का हिस्सा हैं और कृषि या उससे जुड़े कामों और अन्य आय बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स में लगे हुए हैं.
Muthoot Microfin, जिसे मुथूट ब्लू के नाम से भी जाना जाता है और मुथूट पप्पाचन ग्रुप का हिस्सा है, फिलहाल 20 राज्यों और 369 जिलों में काम कर रही है. कंपनी इस योजना को पूरे भारत में लागू करना चाहती है ताकि ग्रामीण उद्यमियों को आसानी से लोन मिल सके. एसबीआई के साथ यह साझेदारी ब्याज दरों को कम करने में मदद करती है, जिससे लोन सस्ते हो जाते हैं. यह वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इनक्लूजन) को बढ़ावा देती है और जरूरतमंद समुदायों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करती है.
मुख्य बातें (Key points):
1. लोन राशि और वितरण: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इस साझेदारी के लिए ₹500 करोड़ की सीमा मंजूर की है. यह राशि ₹100 करोड़ के हिस्सों में दी जाएगी, योग्य ग्राहकों को ₹50,000 से ₹3 लाख तक का लोन मिलेगा.
2. लक्ष्य ग्राहक और फोकस: यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप्स (JLGs) की सदस्य हैं और कृषि, उससे जुड़े कामों या अन्य आय बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स में काम करती हैं.
3. विस्तार: मुथूट माइक्रोफिन, जो अभी 20 राज्यों और 369 जिलों में काम कर रही है, इस योजना को पूरे भारत में लागू करने की योजना बना रही है, इससे ग्रामीण उद्यमियों तक ज्यादा लोन पहुंच सकेगा.
4. सस्ते लोन: SBI के साथ साझेदारी से ब्याज दरें कम हो रही हैं, जिससे लोन सस्ता और सुलभ हो रहा है.
कंपनी के CEO ने क्या कहा?
Muthoot Microfin के सीईओ सदफ सईद ने कहा कि भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के साथ हमारी अनोखी साझेदारी हमें महिलाओं को सस्ते लोन देने में मदद करती है. यह उनके व्यवसाय को बढ़ाने और जीवन को बेहतर बनाने में सहायक है. इस सहयोग के जरिए, हम ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में वित्तीय जरूरतों को पूरा कर, आत्मनिर्भरता और स्थायी विकास को बढ़ावा देना चाहते हैं. मुथूट माइक्रोफिन भारत की पांचवीं सबसे बड़ी एनबीएफसी-माइक्रोफाइनेंस कंपनी है, जो महिलाओं को छोटे लोन देकर उनकी आजीविका बढ़ाने में मदद करती है, इसका खास फोकस ग्रामीण इलाकों में है.
कैसा रहा कंपनी के तिमाही नतीजा?
Q2 FY25 (दूसरी तिमाही, वित्त वर्ष 2025) में मुथूट माइक्रोफिन का शुद्ध मुनाफा 44% गिरकर ₹61.6 करोड़ रह गया. यह गिरावट मुख्य रूप से माइक्रोफाइनेंस सेक्टर की चुनौतियों और कर्मचारियों के खर्च में बढ़ोतरी की वजह से हुई, पिछले साल इसी समय यह मुनाफा ₹110 करोड़ था. हालांकि, कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (संचालन लाभ) 26% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया. कंपनी ने खराब लोन (बुरे कर्ज) को संभालने के लिए इस तिमाही में ₹155 करोड़ का प्रावधान रखा, जो पिछले साल ₹41 करोड़ था. कुल नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) अनुपात भी बढ़कर सितंबर के अंत में 2.7% हो गया, जबकि पिछले साल यह 2.3% था. कर्मचारियों पर खर्च भी बढ़कर ₹133 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी समय ₹111 करोड़ था.
टैग्स