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खुदरा महंगाई घटकर 0.25% पर आई, GST कटौती व सब्जियों‑फलों में नरमी का असर

अक्टूबर 2025 में खुदरा महँगाई दर 0.25 % पर आ जाना इस बात का संकेत है कि भारत में महँगाई पर नियंत्रण के लिहाज़ से हाल‑फिलहाल में सकारात्मक दिशा दिख रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

अक्टूबर 2025 में भारत की खुदरा महँगाई दर मात्र 0.25 प्रतिशत पर आकर कई वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है. यह गिरावट मुख्य रूप से दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर माल एवं सेवा कर (GST) में कटौती और सब्जियों‑फलों की कीमतों में तेज गिरावट के कारण आई है. इस उपलब्धि ने न सिर्फ उपभोक्ताओं को राहत दी है, बल्कि मौद्रिक नीति के लिहाज़ से भी नए अवसर खोले हैं. 

CPI आधारित खुदरा महंगाई में उल्लेखनीय गिरावट

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार, सितंबर 2025 में खुदरा महंगाई दर 1.44 प्रतिशत थी, जबकि अक्टूबर 2024 में यह 6.21 प्रतिशत  पर थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर में खाद्य महंगाई (Food Inflation) शून्य से नीचे 5.02% पर आ गई.

घटी महंगाई के पीछे प्रमुख कारण

NSO ने बताया कि अक्टूबर, 2025 में कुल महंगाई और खाद्य महंगाई दर में गिरावट के कई कारण हैं:

1. GST दर में कटौती
2. अनुकूल आधार प्रभाव
3. तेल, वसा, सब्जियां, फल, अंडे और अनाज की कीमतों में नरमी
4. परिवहन और संचार लागत में कमी

विशेषज्ञों का कहना है कि ये कारक मिलकर अक्टूबर की खुदरा महंगाई दर को कई साल के निचले स्तर पर ले आए. इसके अलावा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर खाद्य और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आने वाले महीनों में महंगाई दर पर और दबाव पड़ सकता है.


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