होम / बिजनेस / TCS के शेयरों को लेकर अब क्या हो रणनीति? इस ब्रोकरेज फर्म ने दिया जवाब
TCS के शेयरों को लेकर अब क्या हो रणनीति? इस ब्रोकरेज फर्म ने दिया जवाब
दिग्गज IT कंपनी TCS ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं. इन नतीजों से कंपनी के शेयरों में मजबूती देखने को मिल रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
टाटा ग्रुप (Tata Group) की दिग्गज IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के तिमाही नतीजे कंपनी की उम्मीद के अनुरूप रहे हैं. TCS को अप्रैल-जून तिमाही में 11,074 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है. इस तरह कंपनी के नेट प्रॉफिट में 16.8% का उछाल आया है. वहीं, TCS के रिवेन्यु में 12.5% की तेजी दर्ज हुई है. घरेलू ब्रोकरेज फर्म रेलिगेयर रिटेल रिसर्च (Religare Retail Research) ने TCS के तिमाही नतीजों को देखते हुए उसके शेयरों को 'Buy' रेटिंग दी है.
आज भी आई है तेजी
रेलिगेयर रिटेल रिसर्च ने TCS के लिए 3,882 रुपए का टारगेट प्राइज तय किया है, जो TCS के मौजूदा बाजार भाव से करीब 16.2% अधिक है. खबर लिखे जाने तक आज यानी 14 जुलाई को कंपनी के शेयर लगभग 3.18% फीसदी की उछाल के साथ 3,446.50 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे. Religare Retail Research का कहना है कि TCS के जून तिमाही के नतीजे हमारे अनुमानों के भी अनुरूप हैं. भौगोलिक इलाकों के नजरिए से देखें तो, कॉन्स्टैंट करेंसी के टर्म में TCS को सबसे अधिक ग्रोथ UK से 16.1% प्राप्त हुई. भारत से 14%, लैटिन अमेरिका से 13.5% और खाड़ी देश से 15.2% रही. इसी तरह, वर्टिकल में सबसे अधिक 10.1% की ग्रोथ लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर सेक्टर से आई. जबकि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 9.4 प्रतिशत रही.
कायम रहेगी लीडरशिप पोजीशन
रेलिगेयर रिटेल रिसर्च का मानना है कि आईटी कंपनी TCS मार्केट में अपनी लीडरशिप पोजिशन बनाए रखेगी, मांग के अनुसार नई टेक्नोलॉजी में प्रवेश करेगी और लागत एवं ऑपरेटिंग मार्जिन पर फोकस बढ़ाएगी. इसे देखते हुए फर्म ने TCS के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और इसके लिए 3,882 रुपए का टारगेट प्राइज निर्धारित किया है. बता दें कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टाटा ग्रुप की इस कंपनी की कुल आय में 13.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जिससे यह बढ़कर 60,778 करोड़ रुपए हो गई है.
इधर, इन्वेस्टर्स के लिए खुशखबरी
वहीं, TCS के बोर्ड ने 9 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है. कंपनी के शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड का भुगतान 7 अगस्त को किया जाएगा. इसके लिए रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई तय की गई है. मालूम हो कि जब कोई कंपनी साल भर में कमाए गए अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयरहोल्डर्स में बांटती है तो उसे डिविडेंड कहते हैं. हालांकि कई बार ऐसे भी होता है कि कंपनियां मुनाफे की बजाय सरप्लस कैश से भी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड बांटती हैं.
क्या हर कंपनी देती है डिविडेंड?
कंपनियों के लिए डिविडेंड देना जरूरी नहीं होता है, क्योंकि इससे कंपनियों को कुछ हासिल नहीं होता, सिवाय शेयरहोल्डर्स की खुशी और भरोसे के. इसलिए कंपनी चाहे तो वो अपने मुनाफे में से एक भी पैसा शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड के रूप में न दे. अक्सर देखा गया है कि छोटी-छोटी कंपनियां या जिन्होंने अभी-अभी अपना काम शुरू किया है, वो कंपनियां डिविडेंड नहीं देती हैं. क्योंकि वो अपने मुनाफे को शेयरहोल्डर्स को देने की बजाय वापस बिजनेस के विस्तार और ग्रोथ में लगा देती हैं. जो कंपनियां डिविडेंड देती हैं वो आमतौर पर पूरी तरह से स्थापित और बड़ी कंपनियां होती हैं, लेकिन हर बड़ी कंपनी डिविडेंड दे ये भी जरूरी नहीं.
टैग्स