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Demerger: रिलायंस के नए Stock का प्राइज तय, क्या अभी कर सकते हैं ट्रेडिंग?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए आज बहुत बड़ा दिन है. आज यानी गुरुवार को रिलायंस ने अपने फाइनेंशियल बिजनेस को अलग कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपने फाइनेंशियल बिजनेस को अलग कर दिया है. रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का आज 20 जुलाई को डीमर्जर हो गया है. डीमर्जर के बाद इस कंपनी का नाम बदलकर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFSL) किया गया है. डीमर्जर के लिए आज सुबह एक स्पेशल प्री-ओपन सेशन रखा गया था, जिसमें नई कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का स्टॉक प्राइज 261.85 रुपए तय हुआ, जो विशेषज्ञों के अनुमान से काफी ज्यादा है. वहीं, इसी सेशन में RIL के लिए नया स्टॉक प्राइज 2589 रुपए मिला है.
लिस्टिंग डेट तय नहीं
डीमर्जर के साथ ही जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (JFSL) के रूप में रिलायंस के पोर्टफोलियो में एक नई कंपनी शामिल हो गई है. JFSL को बेंचमार्क Nifty-50 सहित प्रमुख इंडेक्स में शामिल किया जाएगा. इसके लिए निफ्टी-50 में किसी शेयर को रिप्लेस नहीं किया जाएगा. JFSL इंडेक्स में 51वां स्टॉक होगा. अब जब रिलायंस का डीमर्जर हो गया है और नई कंपनी के स्टॉक का प्राइज भी सेट हो गया है, तो ऐसे में ये सवाल लाजमी है कि क्या JFSL की ट्रेडिंग की जा सकती है? इसका जवाब है - फिलहाल नहीं. लिस्ट होने तक इसमें ट्रेडिंग नहीं होगी. लिस्टिंग की डेट अभी तय नहीं हुई है, रिलायंस जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती है.
160-190 का था अनुमान
इस डीमर्जर के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज एक स्पेशल प्री-ओपन सेशन आयोजित किया गया. इस दौरान बाय-सेल पर रोक रही. स्पेशल प्री-ओपन सेशन सिक्योरिटीज की ओपनिंग प्राइसेज के निर्धारण के लिए किया जाता है. इस दौरान, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का स्टॉक प्राइज 261.85 रुपए तय हुआ, जबकि एक्सपर्ट्स ने अनुमान जताया था कि इसका प्राइज 160 से 190 रुपए के बीच हो सकता है. बता दें कि इस डीमर्जर की व्यवस्था के तहत रिलायंस के शेयरधारकों को JFSL का एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा.
डीमर्जर की जरूरत क्यों पड़ी?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का मानना है कि फाइनेंशियल सर्विसेज के विस्तार और ग्रोथ के लिए एक अलग रणनीति की जरूरत है. क्योंकि इस सेक्टर की प्रकृति और प्रतियोगिता दूसरे सेक्टर्स से बिल्कुल अलग है. इसी को ध्यान में रखते हुए रिलायंस अपने फाइनेंशियल बिजनेस का डीमर्जर कर रही है. बता दें कि 19 जून, 2005 को जब रिलायंस ने चार कंपनियों को अलग किया था, तब अगले साल यानी 2006 में उसके शेयरों की कीमत में 38% की तेजी आई थी. लिहाजा इस बार भी ऐसी उम्मीद की जा रही है.
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