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MTF में रिकॉर्ड तेजी: उधार लेकर निवेश का बढ़ा क्रेज, 1.33 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, MTF सेगमेंट में एनएसई का दबदबा बरकरार है और इसकी बाजार हिस्सेदारी 96 फीसदी है. हालांकि बीएसई ने भी इस क्षेत्र में सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि दर्ज की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
शेयर बाजार में सुधरते सेंटीमेंट, विदेशी निवेशकों की वापसी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है. इसका असर मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) पर भी साफ दिखाई दे रहा है. जून में MTF के तहत निवेश लगातार तीसरे महीने बढ़कर रिकॉर्ड 1.33 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. यह दर्शाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक उधार लेकर निवेश करने यानी लीवरेज ट्रेडिंग में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
लगातार तीसरे महीने बढ़ा MTF निवेश
24 जून तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून में MTF बुक में मासिक आधार पर 5.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. इससे पहले अप्रैल में 9.7 फीसदी और मई में 8.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. हालांकि फरवरी में लगातार 10 महीनों की तेजी के बाद पहली बार इसमें गिरावट देखी गई थी. मार्च में बाजार में बढ़ती अस्थिरता और सतर्क निवेशकों के कारण MTF बुक घटकर 1.05 लाख करोड़ रुपये रह गई थी.
इसके बावजूद अक्टूबर 2025 से MTF का कुल आकार लगातार 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है. ब्रोकरेज कंपनियों की ओर से इस सुविधा का विस्तार किए जाने से भी इसके उपयोग में तेजी आई है.
क्या है मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी
मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी के तहत निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए पूरी रकम एक साथ नहीं चुकानी पड़ती. निवेशक केवल कुल निवेश राशि का एक हिस्सा जमा करते हैं, जबकि शेष रकम ब्रोकरेज कंपनियां ब्याज पर उपलब्ध कराती हैं. इससे निवेशकों को कम पूंजी में अधिक निवेश करने का मौका मिलता है.
सुधरते बाजार माहौल से बढ़ा उत्साह
ब्रोकर्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों की धारणा में सुधार आया है. इसके चलते निवेशक अधिक जोखिम उठाने और लीवरेज के जरिए निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं. जून में प्रमुख शेयर सूचकांकों में भी मजबूती देखने को मिली है. 24 जून तक सेंसेक्स में 3.1 फीसदी और निफ्टी में 2.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा MTF, लेकिन जोखिम नियंत्रित
विशेषज्ञों के अनुसार, MTF का आकार रिकॉर्ड स्तर पर जरूर पहुंचा है, लेकिन कुल बाजार पूंजीकरण और दैनिक कारोबार के मुकाबले यह अब भी संतुलित स्थिति में है. उन्होंने कहा कि MTF निवेश कई शेयरों में बंटा हुआ है और किसी एक शेयर में अत्यधिक निवेश नहीं है. किसी एक शेयर में MTF एक्सपोजर करीब 2,200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है, जिससे जोखिम सीमित रहता है.
बढ़ी निवेशकों की भागीदारी
केयरएज रेटिंग्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, नकद बाजार में औसत दैनिक कारोबार में सुधार की बड़ी वजह निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और MTF गतिविधियों में तेजी रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने और बाजार में विश्वास बढ़ने से आने वाले समय में पूंजी बाजार की गतिविधियां मजबूत रह सकती हैं.
1 जुलाई से नए नियमों पर रहेगी नजर
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पूंजी बाजार में एक्सपोजर से जुड़े नए नियामकीय नियम लागू होने के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम और बाजार गतिविधियों पर असर पड़ सकता है. ये नियम पहले अप्रैल से लागू होने वाले थे, लेकिन बाद में इन्हें टाल दिया गया था. अब संशोधित नियम 1 जुलाई से प्रभावी होंगे.
रिपोर्ट के अनुसार, MTF सेगमेंट में एनएसई का दबदबा बरकरार है और इसकी बाजार हिस्सेदारी 96 फीसदी है. हालांकि बीएसई ने भी इस क्षेत्र में सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि दर्ज की है.
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